Adani Group ने वित्त वर्ष 2026 में दमदार प्रदर्शन करते हुए **₹2.92 लाख करोड़** का रेवेन्यू और **₹46,376 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने यह भी साफ कर दिया है कि अमेरिका और भारत में चल रहे बड़े रेगुलेटरी जांचे मई 2026 तक सुलझ जाएंगी। अब निवेशकों की नजर ग्रुप की **₹1.5 लाख करोड़** की इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश योजना और पावर, पोर्ट्स व डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में क्षमता विस्तार पर है।
क्या हुआ?
Adani Group ने वित्त वर्ष 2026 का अंत मजबूत वित्तीय विकास और महत्वपूर्ण रेगुलेटरी बाधाओं के सफल समाधान के साथ किया है। अपनी नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में, समूह ने ₹2.92 लाख करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.4% अधिक है। टैक्स के बाद मुनाफा 13.9% बढ़कर ₹46,376 करोड़ हो गया। चेयरमैन गौतम अडानी ने इस बात पर जोर दिया कि समूह ने बाहरी जांच की गहन अवधि को सफलतापूर्वक पार कर लिया है, जिसके चलते 2026 की शुरुआत में ही भारतीय और अमेरिकी रेगुलेटर्स द्वारा प्रमुख नेतृत्व और संस्थाओं को कानूनी मंजूरी मिल गई।
वित्तीय प्रदर्शन और पूंजी की मजबूती
समूह का मुख्य फोकस अपने कोर इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स को बढ़ाने पर रहा। ₹94,834 करोड़ के EBITDA और 3.3 गुना के स्वस्थ नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो के साथ, कंपनी ने भारी पूंजी खर्च के बावजूद एक स्थिर लीवरेज प्रोफाइल प्रदर्शित किया। हालिया ₹25,000 करोड़ का राइट्स इश्यू एक प्रमुख पूंजी इंजेक्शन के रूप में सामने आया, जिसे मैनेजमेंट ने 2023 की हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट और बाद में अमेरिकी रिश्वतखोरी के आरोपों से उत्पन्न अस्थिरता के बाद निवेशकों के विश्वास का मत बताया। ₹67,995 करोड़ के मजबूत कैश फ्लो ने साल के रिकॉर्ड-तोड़ कैपिटल एक्सपेंडिचर का समर्थन करने के लिए आवश्यक लिक्विडिटी प्रदान की।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विस्तार की रणनीति
वित्त वर्ष 2026 में ग्रुप के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश मुख्य आकर्षण रहा, जिसमें कैपिटल प्रोजेक्ट्स में ₹1.5 लाख करोड़ लगाए गए। यह निवेश उस वर्ष भारत में निजी क्षेत्र के कुल इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च का 30% से अधिक था। प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर्स में Adani Energy Solutions शामिल है, जिसने अपने ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक को ₹72,000 करोड़ तक बढ़ाया, और Adani Ports, जिसने 500 मिलियन टन से अधिक कार्गो हैंडलिंग को पार कर लिया। Adani Power वर्तमान में अगले पांच वर्षों में 45 GW की आक्रामक क्षमता विस्तार लक्ष्य का पीछा कर रहा है, जबकि Navi Mumbai International Airport का उद्घाटन कंपनी के परिवहन पोर्टफोलियो में एक महत्वपूर्ण जोड़ है।
रेगुलेटरी और कानूनी परिदृश्य
इन नतीजों तक का सफर महत्वपूर्ण कानूनी चुनौतियों से भरा था। अमेरिका में, अभियोजकों ने पहले सौर अनुबंधों से संबंधित रिश्वतखोरी का आरोप लगाया था, जिससे Adani Green Energy द्वारा $600 मिलियन के बॉन्ड इश्यू को रद्द कर दिया गया था। हालांकि, मई 2026 तक, गौतम और सागर अडानी के खिलाफ ये आपराधिक आरोप हटा दिए गए, और समूह ने अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (US Securities and Exchange Commission) और अमेरिकी ट्रेजरी के साथ समझौते किए। इसके अतिरिक्त, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सितंबर 2025 में समूह की संस्थाओं की जांच समाप्त कर दी, जिससे 2023 की रिपोर्ट में उठाए गए आरोपों से प्रबंधन और कंपनी के व्यक्तियों को मंजूरी मिल गई।
निवेशक आगे क्या देखें?
हालांकि रेगुलेटरी स्पष्टता ने एक बड़ी चिंता को दूर कर दिया है, निवेशकों के लिए मुख्य निगरानी बिंदु समूह की निष्पादन गति बनी हुई है। 45 GW पावर क्षमता विस्तार और 2030 तक Adani Ports के लिए एक अरब टन कार्गो लक्ष्य जैसी विशाल पूंजी-गहन परियोजनाओं को देखते हुए, विस्तार करते हुए ऋण स्तरों का प्रबंधन करने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। निवेशक मार्जिन में निरंतर सुधार और Leonardo और Embraer के साथ नव-लॉन्च किए गए एयरोस्पेस विनिर्माण साझेदारी के समूह के समग्र राजस्व मिश्रण पर प्रभाव को भी देखेंगे।
