Adani Group की F1 में एंट्री? 2028 में भारत में वापसी की तैयारी, Buddh International Circuit पर नजर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Adani Group की F1 में एंट्री? 2028 में भारत में वापसी की तैयारी, Buddh International Circuit पर नजर

फॉर्मूला 1 (Formula 1) को 2028 तक भारत में वापस लाने की जोरदार कोशिशें शुरू हो गई हैं। सरकार एक स्पेशल टास्क फोर्स बना रही है जो टैक्स (Tax) और रेगुलेटरी (Regulatory) अड़चनों को दूर करेगी। Adani Group भी Buddh International Circuit को लेकर दिलचस्पी दिखा रहा है, ताकि पिछली बार की समस्याओं को सुलझाकर 2013 में बंद हुए इंडियन ग्रां प्री (Indian Grand Prix) को फिर से शुरू किया जा सके।

भारत में फिर गरजेगा F1 का इंजन?

फॉर्मूला 1 (Formula 1) की दुनिया में भारत की वापसी की उम्मीदें एक बार फिर जगी हैं। ग्रेटर नोएडा स्थित Buddh International Circuit में 2028 तक F1 रेसिंग को वापस लाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। इसके लिए एक खास टास्क फोर्स का गठन किया जा रहा है। यह टीम उन जटिल टैक्स (Tax) और रेगुलेटरी (Regulatory) मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करेगी, जिनकी वजह से 2013 में आखिरी रेस के बाद इंडियन ग्रां प्री (Indian Grand Prix) को अलविदा कहना पड़ा था।

टैक्स के पचड़े होंगे खत्म?

पिछली बार इंडियन ग्रां प्री को एंटरटेनमेंट टैक्स (Entertainment Tax) और कस्टम ड्यूटी (Custom Duty) जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। नई टास्क फोर्स का मुख्य फोकस यह तय करना होगा कि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) का ढांचा इंटरनेशनल मोटरस्पोर्ट्स इवेंट्स के कमर्शियल और ब्रॉडकास्टिंग रेवेन्यू (Broadcasting Revenue) पर कैसे लागू होगा। टैक्स अधिकारियों की सीधी भागीदारी से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पिछली बार की तरह कानूनी और वित्तीय विवादों से बचा जा सके।

Adani Group की एंट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर

यह कोशिश सिर्फ सरकारी नीतियों तक सीमित नहीं है। Adani Group इस प्रयास में एक अहम खिलाड़ी बनकर उभरा है। ग्रुप Buddh International Circuit को खरीदने या मैनेज करने में दिलचस्पी दिखा रहा है। Adani Ports and SEZ के मैनेजिंग डायरेक्टर, करण अडानी, इस ट्रैक के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं में सक्रिय रूप से शामिल हैं। यह कॉर्पोरेट दिलचस्पी प्रोजेक्ट को सिर्फ दिखावटी नहीं, बल्कि एक गंभीर व्यावसायिक कदम बनाती है।

आर्थिक और ऑपरेशनल हकीकत

फॉर्मूला 1 के CEO, स्टीफन डोमेनिकाली (Stefano Domenicali) ने भी भारत में वापसी को एक आकर्षक संभावना बताया है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी सफल वापसी के लिए स्थानीय प्रमोटरों (Promoters) की प्रतिबद्धता और ट्रैक के इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) का ग्लोबल स्टैंडर्ड्स (Global Standards) के मुताबिक होना बेहद जरूरी है। 2028 का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन प्रोजेक्ट की सफलता रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (Regulatory Framework) के फाइनल होने और ट्रैक मालिकों की सुविधाओं को आधुनिक बनाने की क्षमता पर निर्भर करेगी।

निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती दौर में है। आगे की महत्वपूर्ण अपडेट्स में सरकारी टास्क फोर्स की रिपोर्ट, Adani Group द्वारा Buddh International Circuit के अधिग्रहण या विकास को लेकर कोई औपचारिक घोषणा, और फॉर्मूला 1 गवर्निंग बॉडी (Governing Body) से भारत के भविष्य के कैलेंडर में शामिल होने की पुष्टि शामिल होगी। कंपनियों पर अंतिम प्रभाव सर्किट को अपग्रेड करने की लागत, टैक्स इंसेंटिव्स (Tax Incentives) की संरचना और टिकट बिक्री, ब्रॉडकास्टिंग राइट्स (Broadcasting Rights) और कॉर्पोरेट स्पॉन्सरशिप (Corporate Sponsorships) से टिकाऊ रेवेन्यू (Revenue) उत्पन्न करने की क्षमता पर निर्भर करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.