Adani Enterprises के सितंबर तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू **75%** बढ़ा है, लेकिन भारी भरकम एक्सपेंशन कॉस्ट के कारण नेट प्रॉफिट **54%** गिरकर **₹1,492 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे में गिरावट की वजह
Adani Enterprises ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का ऑपरेश्नल रेवेन्यू 75% बढ़कर ₹37,216 करोड़ पर पहुंच गया, जो एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, मुनाफे में 54% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण कंपनी का एग्रेसिव ग्रोथ प्लान और नए प्रोजेक्ट्स पर किया गया भारी खर्च है।
बिजनेस सेगमेंट का हाल
कंपनी के लिए कॉपर (Copper) बिजनेस सबसे बड़ा ड्राइवर रहा, जिसका रेवेन्यू 11 गुना बढ़कर ₹14,772 करोड़ पहुंच गया। इसके अलावा, कमर्शियल माइनिंग में 45%, एयरपोर्ट ऑपरेशंस में 15% और न्यू एनर्जी इकोसिस्टम में 13% की ग्रोथ देखने को मिली है।
चिंता के बिंदु
रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद, कुछ सेगमेंट्स ने कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव बनाया है। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस का रेवेन्यू 74% गिरकर ₹430 करोड़ रह गया है, जबकि माइनिंग सर्विसेज का रेवेन्यू भी 7% घटकर ₹985 करोड़ रहा।
निवेशकों के लिए चुनौती यह है कि कंपनी का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिसके कारण इंटरेस्ट पेमेंट और ऑपरेशनल सेटअप कॉस्ट बढ़ रहे हैं। अब मार्केट की नजरें इस पर टिकी हैं कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी इन खर्चों को कैसे मैनेज करती है और कब ये नए प्रोजेक्ट्स मुनाफे में तब्दील होते हैं।
