Accel Limited के नतीजों का सच: रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफा धड़ाम!
Accel Limited के लिए Q3 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी ने जहां अपनी कुल कमाई (Revenue) में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की, वहीं मुनाफा (Net Profit) बुरी तरह गिर गया। स्टैंडअलोन आधार पर, कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 84.24% बढ़कर ₹71.02 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) इसमें 111.32% का जोरदार उछाल देखा गया।
लेकिन, इस कमाई के शोर में मुनाफे की आवाज दब गई। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट साल-दर-साल (YoY) 91.41% गिरकर महज ₹0.08 करोड़ (यानी ₹7.69 लाख) रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹0.90 करोड़ था। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी इसमें 81.29% की भारी गिरावट आई।
कंसॉलिडेटेड (समेकित) नतीजों पर नजर डालें तो तस्वीर और भी चिंताजनक है। कुल रेवेन्यू में मामूली 5.41% की बढ़ोतरी होकर ₹40.28 करोड़ रहा। लेकिन, कंपनी को ₹0.08 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹0.29 करोड़ का मुनाफा था। तिमाही-दर-तिमाही कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 7.72% गिरा और मुनाफा ₹0.79 करोड़ से घटकर घाटे में तब्दील हो गया।
कंपनी ने बताया कि नई लेबर कोड की वजह से ₹0.96 करोड़ का एक विशेष खर्च (exceptional item) दर्ज हुआ है, जिसका असर ग्रैच्युटी और अन्य देनदारियों की लागत पर पड़ा है। यह एक बार का खर्च है जो इस तिमाही में मार्जिन को प्रभावित कर रहा है।
कंपनी के बिजनेस सेगमेंट की बात करें तो स्टैंडअलोन आधार पर Q3 FY26 में रियलटी (Realty) सेगमेंट ने ₹224.66 करोड़ का रेवेन्यू और ₹136.42 करोड़ का प्रॉफिट कमाया। वहीं, IT Services सेगमेंट से ₹3793.54 करोड़ का रेवेन्यू और ₹79.08 करोड़ का प्रॉफिट आया। इससे लगता है कि IT सर्विसेज बड़ा रेवेन्यू दे रही है, लेकिन रियलटी ने इस तिमाही में स्टैंडअलोन मुनाफे में ज्यादा योगदान दिया।
⚠️ निवेशकों के लिए बड़ी चिंताएं
Accel Limited के नतीजों में सबसे बड़ी लाल झंडी (red flag) इसके ऑडिटर की तरफ से बार-बार उठाए जा रहे सवाल हैं। स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड दोनों फाइनेंशियल स्टेटमेंट में ऑडिटर ने चिंता जताई है।
स्टैंडअलोन नतीजों में, ऑडिटर ने एक सब्सिडियरी, Accel Media Ventures Limited को दिए गए ₹7.01 करोड़ के लोन की रिकवरी पर सवाल उठाए हैं। कंपनी पर इस लोन की भारी रकम बकाया है और ऑडिटर को इसकी रिकवरी की उम्मीदों के पुख्ता सबूत नहीं मिले।
इसके अलावा, ऑडिटर ने एक एसोसिएट कंपनी, Secureinteli Technologies Private Limited में ₹4.88 करोड़ के निवेश के वैल्यूएशन पर भी आपत्ति जताई है। इस निवेश की बुक वैल्यू (Book Value) उसकी फेयर वैल्यू (Fair Value) से ₹3.15 करोड़ ज्यादा है। ऑडिटर को प्रबंधन (management) से यह संतुष्टिपूर्ण सबूत नहीं मिले कि इस निवेश में कोई खराबी (impairment) नहीं आई है। ये लोन रिकवरी और निवेश वैल्यूएशन की चिंताएं पिछली तिमाहियों से लगातार उठाई जा रही हैं, जो कंपनी के गवर्नेंस पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
भविष्य की योजनाएं
इन वित्तीय चुनौतियों के बावजूद, Accel Limited अपनी विस्तार योजनाओं पर आगे बढ़ रही है। कंपनी के बोर्ड ने ₹250 करोड़ के 'Accel Infinium 2' प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत करीब 5 लाख वर्ग फुट (500,000 sq. ft.) की प्रीमियम IT स्पेस विकसित की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के जुलाई 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी ने 'Accel Infinium 1' प्रोजेक्ट के बारे में भी अपडेट दिया, जिसके अधिकांश स्पेस पहले ही लीज पर दिए जा चुके हैं और जून 2026 तक इसके पूरी तरह से ऑक्युपाई (occupied) होने की उम्मीद है।