Geojit Financial Services ने APL Apollo Tubes के शेयर पर 'Buy' रेटिंग दी है और ₹2,325 का लक्ष्य रखा है। कंपनी के Q1 FY27 नतीजों में बिक्री वॉल्यूम गिरने के बावजूद रेवेन्यू और प्रॉफिट बढ़ा है, जिसका श्रेय ब्रोकरेज कंपनी के हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स की ओर शिफ्ट होने को दे रहा है।
Geojit का 'Buy' कॉल: APL Apollo Tubes पर दांव
मार्केट एनालिस्ट्स के लिए अच्छी खबर है! Geojit Financial Services ने APL Apollo Tubes (APAT) के शेयर पर 'Buy' रेटिंग जारी की है और ₹2,325 का नया टारगेट प्राइस सेट किया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी का स्ट्रक्चरल स्टील ट्यूब्स मार्केट में लीडिंग पोजीशन और हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर फोकस, कंपनी की कमाई को और बढ़ाएगा।
Q1 FY27 में क्या रहा खास?
फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में APL Apollo Tubes ने गजब का प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 8.5% बढ़कर ₹5,607 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी 10.9% की ग्रोथ देखी गई, जो ₹263 करोड़ रहा।
यह सफलता तब मिली जब कंपनी का सेल्स वॉल्यूम थोड़ा गिरा। पिछले साल के 794,000 टन की तुलना में इस तिमाही में यह 745,000 टन रहा।
वॉल्यूम गिरने की वजहें?
कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया कि वॉल्यूम में गिरावट के कुछ खास कारण रहे। UAE स्थित प्लांट में कुछ दिक्कतें आईं, साथ ही भारत में पावर सप्लाई की भी समस्या रही। इसके अलावा, कंपनी के प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बिक्री में कमी भी एक वजह रही।
EBITDA में उछाल, मार्जिन में सुधार
इन चुनौतियों के बावजूद, APL Apollo Tubes ने EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) को 10.6% बढ़ाकर ₹411 करोड़ कर लिया। इसका मुख्य कारण कंपनी की स्ट्रैटेजिक प्राइसिंग और मजबूत ब्रांड इमेज रहा, जिससे प्रति टन बिक्री मूल्य में सुधार हुआ। EBITDA मार्जिन में 10 बेसिस पॉइंट्स का मामूली सुधार हुआ और यह 7.3% पर आ गया।
भविष्य की रणनीति: वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस
APL Apollo Tubes अब वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स, जैसे सोलर एप्लीकेशन्स और स्पेशलाइज्ड रूफिंग, की तरफ अपना फोकस बढ़ा रही है। ये प्रोडक्ट्स स्टील की कीमतों के उतार-चढ़ाव से कम प्रभावित होते हैं। Geojit का ₹2,325 का टारगेट प्राइस, फाइनेंशियल ईयर 2028 के अनुमानित प्रति शेयर आय (EPS) का 37 गुना है।
निवेशकों के लिए रिस्क फैक्टर
हालांकि, निवेशकों को कुछ रिस्क पर भी ध्यान देना चाहिए। कच्चे माल, यानी स्टील की कीमतों में अस्थिरता मुनाफे को प्रभावित कर सकती है। साथ ही, कंपनी का डोमेस्टिक कंस्ट्रक्शन सेक्टर पर ज्यादा निर्भर रहना भी एक साइक्लिकल रिस्क है। UAE जैसे ओवरसीज मार्केट्स में ऑपरेशनल स्टेबिलिटी भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर है।
आगे चलकर, कंपनी की वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की सफल स्केलिंग और डोमेस्टिक व एक्सपोर्ट सप्लाई चेन में आने वाली बाधाओं को दूर करके वॉल्यूम ग्रोथ को वापस पटरी पर लाना, निवेशकों के लिए ट्रैक करने लायक मुख्य बातें होंगी।
