Nutrition Labels: FSSAI के 100g मानक को चुनौती, SC में AIFPA की नई मांग

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Nutrition Labels: FSSAI के 100g मानक को चुनौती, SC में AIFPA की नई मांग

All India Food Processors' Association (AIFPA) ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है कि FSSAI के प्रस्तावित **100g** न्यूट्रिशन लेबल के बजाय 'पर-सर्विंग' (प्रति खुराक) के आधार पर लेबलिंग लागू की जाए।

नियम और विवाद की जड़

FSSAI ने हाल ही में पैकेज्ड फूड पर रेड हेक्सागोनल वार्निंग लेबल का प्रस्ताव रखा था, जिसके लिए 100g या 100ml को बेंचमार्क बनाया गया है। इसका मकसद नमक, चीनी और फैट की मात्रा के प्रति ग्राहकों को सचेत करना है। लेकिन, AIFPA का तर्क है कि भारतीय खान-पान की आदतें अलग हैं और 100g का पैमाना हकीकत से मेल नहीं खाता। इंडस्ट्री का कहना है कि 'पर-सर्विंग' (एक बार में ली जाने वाली मात्रा) के आधार पर जानकारी देना ज्यादा तर्कसंगत और पारदर्शी होगा।

कंपनियों के सामने चुनौतियां

अगर यह नियम लागू होता है, तो मैन्युफैक्चरर्स को अपने हजारों प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग को पूरी तरह से बदलना होगा। FSSAI ने इसके लिए 365 दिन का ट्रांजिशन पीरियड प्रस्तावित किया है, लेकिन इंडस्ट्री का मानना है कि इतनी जल्दी मौजूदा इन्वेंट्री खत्म करना और नए डिजाइन्स तैयार करना एक बड़ा कमर्शियल रिस्क है।

कोर्ट का रुख और निवेशकों के लिए मायने

सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और सभी पक्षों से अंतिम लिखित दलीलें मांगी हैं। निवेशकों के लिए यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि फाइनल जजमेंट के बाद एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों की कॉस्टिंग और पैकेजिंग स्ट्रैटेजी पर सीधा असर पड़ेगा। क्या कोर्ट FSSAI के कड़े मानकों पर मुहर लगाएगा या इंडस्ट्री की फ्लेक्सिबिलिटी की मांग को सुनेगा, इस पर पूरे बाजार की नजरें टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.