ABB India के शेयर में आज **2.09%** की बढ़त देखने को मिली और यह **₹7,437** पर पहुंच गया। यह तेजी तब आई जब कंपनी ने जून 2026 तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट में **79.7%** की बड़ी गिरावट दर्ज की। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू में **11.77%** की बढ़ोतरी हुई, लेकिन निवेशक बॉटम-लाइन में आई भारी कमी और सालाना मुनाफे में गिरावट को भी देख रहे हैं।
रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे में भारी गिरावट
ABB India के शेयर में सोमवार को 2.09% का इजाफा देखा गया और यह ₹7,437 के स्तर पर पहुंच गया। यह उछाल कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों के बाद आया है। जून 2026 तिमाही के लिए, कंपनी ने ₹3,558.87 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो मार्च 2026 तिमाही के ₹3,184.06 करोड़ की तुलना में 11.77% अधिक है।
इसके बावजूद, कंपनी के बॉटम-लाइन पर काफी दबाव दिखा। नेट प्रॉफिट में 79.70% की भारी गिरावट आई और यह ₹362.30 करोड़ पर आ गया, जो पिछली तिमाही के ₹1,783.65 करोड़ से काफी कम है। इसी तरह, प्रति शेयर आय (EPS) भी 79.69% घटकर ₹17.09 रह गई, जो मार्च तिमाही में ₹84.18 थी।
सालाना नतीजों पर एक नज़र
दिसंबर 2025 में समाप्त हुए पूरे साल के आंकड़ों को देखें तो, कंपनी के रेवेन्यू में लगभग 8.32% की वृद्धि हुई और कुल रेवेन्यू ₹13,202.73 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹12,188.31 करोड़ से अधिक है। हालांकि, सालाना नेट प्रॉफिट में भी तिमाही नतीजों जैसी ही गिरावट दिखी। 2025 में नेट प्रॉफिट 10.87% घटकर ₹1,668.26 करोड़ हो गया, जबकि 2024 में यह ₹1,871.64 करोड़ था। ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी पिछले कुछ समय से मार्जिन को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही है।
बैलेंस शीट और कैश फ्लो
दिसंबर 2025 में समाप्त हुए साल के लिए ऑपरेशनल डेटा कंपनी की कैश पोजीशन में बदलाव दिखाता है। ऑपरेटिंग एक्टिविटी से कैश फ्लो 8.3% घटकर ₹1,219 करोड़ रह गया। इस दौरान कुल एसेट्स में 10.06% की वृद्धि होकर ₹13,638 करोड़ हो गया, लेकिन कुल देनदारियों (liabilities) में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। निवेश गतिविधियों (investing activities) से कैश का आउटफ्लो बढ़कर इनफ्लो ₹363 करोड़ हो गया, जिसे निवेशक कंपनी की मौजूदा कैपिटल स्पेंडिंग रणनीति को समझने के लिए देख सकते हैं।
पावर और ऑटोमेशन जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में काम करने वाली ABB India के लिए, निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी बढ़ती आय के बीच प्रॉफिट मार्जिन को कैसे स्थिर करती है और लागतों का प्रबंधन कैसे करती है। निवेशक कंपनी के मैनेजमेंट से तिमाही मुनाफे में आई इस बड़ी गिरावट के कारणों और आने वाली तिमाहियों में ऑपरेशन से कैश जनरेशन को बेहतर बनाने की योजनाओं पर भी ध्यान देंगे।
