आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने अकाल तख्त से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को तलब करने की औपचारिक मांग की है। यह मामला **10 अक्टूबर, 2026** को दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में दिल्ली पुलिस द्वारा धार्मिक प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन से जुड़ा है।
पंजाब से आए आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार, 12 अक्टूबर, 2026 को अकाल तख्त सचिवालय को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। इसमें मांग की गई है कि अकाल तख्त जत्थेदार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को तलब करें और 10 अक्टूबर को गुरुद्वारा बंगला साहिब में हुई घटना पर जवाब मांगें।
क्या है पूरा विवाद?
आप नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों का पीछा करते हुए दिल्ली पुलिस के जवान जूते पहनकर और सिर ढके बिना ही पवित्र परिसर में घुस गए, जो सिख धार्मिक मर्यादा का गंभीर उल्लंघन है। पार्टी का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर धार्मिक परंपराओं को ताक पर नहीं रखा जा सकता।
BJP का पलटवार
इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब BJP ने इसे 'बेतुका' और 'गुमराह करने वाला' बताया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि AAP अपने राजनीतिक फायदे के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर रही है।
बढ़ता सियासी तनाव
यह घटना पंजाब की राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे रही है। इसी बीच, अकाल तख्त ने अलग से 15 AAP विधायकों को भी तलब किया है, जिसमें मनविंदर सिंह गियासपुरा का नाम भी शामिल है। यह मामला सचिवालय में जाति-आधारित भेदभाव के आरोपों से जुड़ा बताया जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अकाल तख्त इन दोनों संवेदनशील मामलों पर क्या रुख अपनाता है।
