दिल्ली वोटर लिस्ट में धांधली का AAP का आरोप, चुनाव आयोग ने जांच शुरू की

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
दिल्ली वोटर लिस्ट में धांधली का AAP का आरोप, चुनाव आयोग ने जांच शुरू की

आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया है कि दिल्ली की वोटर लिस्ट से प्रवासी मतदाताओं को गलत तरीके से हटाया जा रहा है। इस बीच, 97 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने फॉर्म जमा किए हैं, वहीं बीजेपी ने आरोपों को खारिज किया है। यह विवाद राष्ट्रीय राजधानी में आगामी चुनावी समय-सीमाओं से पहले वोटर वेरिफिकेशन को लेकर चिंताएं बढ़ा रहा है।

दिल्ली वोटर लिस्ट पर AAP का गंभीर आरोप

दिल्ली में वोटर लिस्ट को अपडेट करने की प्रक्रिया पर अब विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव अधिकारियों पर प्रवासी मतदाताओं को वोटर लिस्ट से गलत तरीके से हटाने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से आए हजारों लोगों को बिना ठीक से जांचे ही 'अनुपस्थित और स्थानांतरित' (absent and shifted) के तौर पर चिह्नित किया जा रहा है।

चुनावी प्रक्रिया और AAP की शिकायत

वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) का प्राथमिक चरण 17 अगस्त 2026 को पूरा हो गया था, जिसका मकसद राष्ट्रीय राजधानी में वोटर लिस्ट को अपडेट करना है। AAP विधायक संजीव झा ने बूथ लेवल अधिकारियों (Booth Level Officers) द्वारा डेटा वेरिफिकेशन के तरीकों में अनियमितताओं की ओर इशारा किया है, खासकर अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी-बस्तियों में। मुख्य शिकायत यह है कि मतदाताओं को पर्याप्त सबूत के बिना 'अनुपस्थित और स्थानांतरित' (ASDD) के रूप में वर्गीकृत किया जा रहा है, जिससे वे अनजाने में लिस्ट से बाहर हो रहे हैं।

वोटर संख्या और जमा हुए फॉर्म

फिलहाल दिल्ली में लगभग 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 97.47 लाख मतदाताओं ने अगस्त के मध्य की समय-सीमा तक अपने एन्यूमरेशन फॉर्म सफलतापूर्वक जमा कर दिए हैं। अब शेष मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, क्योंकि चुनाव आयोग लिस्ट को अंतिम रूप देने की ओर बढ़ रहा है। जमा किए गए फॉर्म को प्रोसेस करने और रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए डिजिटलीकरण का काम चल रहा है।

बीजेपी ने आरोपों को किया खारिज

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि यह संशोधन प्रक्रिया एक नियमित प्रशासनिक उपाय है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वोटर लिस्ट सटीक, अद्यतित और अयोग्य प्रविष्टियों से मुक्त हो, जैसे कि वे लोग जो मर चुके हैं या स्थायी रूप से निवास बदल चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, लक्ष्य चुनावी अखंडता बनाए रखना है, और वे इस बात पर जोर देते हैं कि किसी भी योग्य मतदाता को प्रक्रिया से अनुचित रूप से बाहर नहीं किया जाना चाहिए।

आगे की राह: दावे और आपत्तियां

मतदाताओं के लिए अगला महत्वपूर्ण चरण दावे और आपत्तियों की खिड़की है, जो 24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 तक निर्धारित है। इस अवधि का उद्देश्य उन व्यक्तियों को मौका देना है जिन्हें पहले बाहर रखा गया था या जो पिछली गणना से चूक गए थे, ताकि वे फॉर्म 6 भरकर अपनी वोटिंग स्थिति बहाल कर सकें। अंतिम मतदाता सूचियों के 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होने की उम्मीद है। निवासियों और सामुदायिक पर्यवेक्षकों के लिए, इस दावे की अवधि के दौरान अपने पंजीकरण की स्थिति पर नज़र रखना यह सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक निगरानी है कि वोटिंग अधिकार अंतिम दस्तावेज़ में सही ढंग से प्रतिबिंबित हों।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.