प्लेन क्रैश जिसने महाराष्ट्र के तत्कालीन डिप्टी सीएम अजीत पवार की जान ले ली थी, उसकी फाइनल जांच रिपोर्ट अगले साल जनवरी तक आ जाएगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बात की पुष्टि की है।
अजीत पवार प्लेन क्रैश की जांच पर बड़ा अपडेट
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को घोषणा की कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार से जुड़े विमान हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट जनवरी 2027 तक जमा कर दी जाएगी। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना 28 जनवरी 2026 को हुई थी, जब एक Learjet 45 विमान बारामती हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
Learjet 45 हादसे की जांच
इस जांच की जिम्मेदारी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को सौंपी गई है, जो नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत काम करने वाली नोडल एजेंसी है। AAIB भारत में गंभीर विमान दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच करती है। जांच का मुख्य उद्देश्य उन तकनीकी और परिचालन कारणों का पता लगाना है जिनकी वजह से यह क्रैश हुआ। इस हादसे में न केवल उपमुख्यमंत्री की जान गई, बल्कि विमान में सवार चार अन्य लोगों की भी मौत हो गई थी।
निवेशकों और आम जनता के लिए यह रिपोर्ट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि हादसा यांत्रिक खराबी, मानवीय भूल या खराब मौसम की वजह से हुआ था। AAIB की जांच के निष्कर्षों के आधार पर अक्सर देश भर के एविएशन ऑपरेटर्स के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और मेंटेनेंस निर्देशों को अपडेट किया जाता है। भारत का एविएशन सेक्टर काफी रेगुलेटेड है, और ऐसे जांच नतीजों पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की पैनी नजर रहती है ताकि हवाई सुरक्षा मानकों को बनाए रखा जा सके।
जैसे-जैसे जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, सभी संबंधित पक्ष निजी जेट के संचालन के आसपास की पूरी परिस्थितियों को समझने के लिए अंतिम दस्तावेजों का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट का जारी होना इस नियामक प्रक्रिया में अगला बड़ा मील का पत्थर साबित होगा, जो संभावित रूप से निजी उड्डयन में भविष्य की सुरक्षा उपायों को निर्देशित करेगा।
