3M India के शेयरों में आज **2%** से ज्यादा की तेजी देखी गई, जो **₹35,400** के स्तर पर पहुंच गए। इस उछाल की वजह कंपनी के शानदार सालाना मुनाफे (Profit) और **₹506** प्रति शेयर का बड़ा डिविडेंड (Dividend) है। कंपनी पर कर्ज भी बहुत कम है।
डिविडेंड के ऐलान से 3M India के शेयरों में रौनक
सोमवार की सुबह 3M India के शेयरों में 2.27% का इजाफा हुआ, जिससे यह ₹35,400 पर पहुंच गए। यह तेजी कंपनी की ओर से डिविडेंड (Dividend) के हालिया ऐलान के बाद आई है। कंपनी ने ₹160 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड और ₹346 प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड देने की घोषणा की है, जिससे कुल मिलाकर निवेशकों को ₹506 प्रति शेयर का भुगतान किया जाएगा। यह ऐलान जुलाई 2026 के मध्य में प्रभावी हुआ।
दमदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस
शेयरों की यह चाल कंपनी के लगातार मजबूत हो रहे वित्तीय नतीजों को दर्शाती है। फाइनेंशियल ईयर 2024 (जो मार्च 2024 में खत्म हुआ) में 3M India का सालाना रेवेन्यू ₹4,189.36 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹3,959.37 करोड़ से ज्यादा है। इसी तरह, नेट प्रॉफिट (Net Profit) भी पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹451.02 करोड़ से बढ़कर ₹583.42 करोड़ हो गया। बिक्री (Sales) में 3 साल की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 16.76% और नेट प्रॉफिट में 12.03% (मार्च 2026 तक) की ग्रोथ ने इस प्रदर्शन को और मजबूत किया है।
जून 2024 को समाप्त तिमाही में, कंपनी ने ₹157.15 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹129.21 करोड़ से बेहतर है। हालांकि, पिछली तिमाही के ₹1,094.55 करोड़ की तुलना में इस तिमाही का रेवेन्यू थोड़ा घटकर ₹1,046.57 करोड़ रहा, लेकिन कंपनी की प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) मजबूत बनी हुई है।
मजबूत बैलेंस शीट और ऑपरेशनल अपडेट
3M India की एक खास बात यह है कि यह कंपनी कर्ज (Borrowings) का इस्तेमाल बहुत कम करती है। इसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) लगभग 0.10 है, जो एक मजबूत बैलेंस शीट और कम कर्ज का संकेत देता है। इस वित्तीय मजबूती के कारण कंपनी शेयरधारकों को लगातार अच्छा रिटर्न देने में सक्षम रही है।
ऑपरेशनल मोर्चे पर, हाल ही में भारी मॉनसून बारिश के कारण अहमदाबाद स्थित कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था। ऐसे वाकये कभी-कभी छोटी अवधि के उत्पादन और सप्लाई पर असर डाल सकते हैं। निवेशक इन पर बारीकी से नजर रखते हैं कि कहीं इनका कोई बड़ा असर तो नहीं हो रहा।
आगे क्या? (Future Monitorables)
आगे चलकर, कंपनी के लिए 14 अगस्त 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग अहम होगी। इस मीटिंग में जून 30, 2026 को समाप्त तिमाही के अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) को मंजूरी दी जा सकती है। बाजार की निगाहें इन नतीजों पर टिकी रहेंगी कि क्या कंपनी अपने मुनाफे की ग्रोथ को बनाए रख पाती है और बदलते बाजार हालात में खर्चों को प्रभावी ढंग से मैनेज कर पाती है। कंपनी की बिक्री ग्रोथ को जारी रखने की क्षमता और किसी भी संभावित ऑपरेशनल बाधाओं से निपटने की काबिलियत निवेशकों के लिए मुख्य फोकस रहेगी।
