नतीजों पर एक नज़र: रिकॉर्ड Profit का राज़
FY26 में ₹1,225 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा कंपनी के आक्रामक विस्तार (aggressive expansion) का नतीजा है। इस दौरान, कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 16% का इजाफा हुआ और यह ₹6.74 लाख करोड़ पर पहुंच गया। एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू (ARR) एसेट्स में मजबूत नेट इनफ्लो (net inflows) ने AUM ग्रोथ को और मजबूती दी।
अधिग्रहणों ने कैसे बढ़ाई AUM और रेवेन्यू?
कंपनी की रणनीति में अधिग्रहण (acquisitions) अहम भूमिका निभा रहे हैं। UBS के इंडिया वेल्थ बिजनेस और B&K Securities जैसे सौदों ने कंपनी के एसेट बेस और रेवेन्यू को बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया। ARR AUM, जो कमाई की स्थिरता का एक महत्वपूर्ण पैमाना है, मार्च 2026 तक 26.4% बढ़कर ₹3.12 लाख करोड़ हो गया। इसने कुल रेवेन्यू का लगभग 75% हिस्सा कवर किया, जिससे कमाई में अस्थिरता (volatility) कम हुई। FY26 में कुल रेवेन्यू 18.6% बढ़कर ₹3,144 करोड़ हो गया। ARR एसेट्स पर बेहतर रिटेंशन रेट (78 bps से बढ़कर 73 bps) ने भी इसमें मदद की। रिकरिंग रेवेन्यू एसेट्स में नेट इनफ्लो पिछले साल के ₹25,974 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹55,875 करोड़ हो गया।
वेल्थ मैनेजमेंट से आगे बढ़ती कंपनी
360 ONE WAM अब नए सेक्टर्स में भी कदम रख रही है। अप्रैल 2026 में, इसकी सब्सिडियरी 360 ONE Alternates Asset Management Limited ने ₹9.39 करोड़ में Quark Solar Private Limited की पूरी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया। यह कदम रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) EPC और O&M में कंपनी की एंट्री को दर्शाता है, जो नए ग्रोथ एरिया खोजने और कोर वेल्थ मैनेजमेंट पर निर्भरता कम करने की रणनीति का हिस्सा है।
पीयर्स (Peers) के मुकाबले वैल्यूएशन
मजबूत Profit ग्रोथ के बावजूद, निवेशक 360 ONE WAM के वैल्यूएशन को लेकर मिले-जुले विचार रखते हैं। इसका ट्रेलिंग ट्वेल्व-मंथ (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो करीब 38x-43x है, जो इसके पीयर Anand Rathi Wealth के TTM P/E ~77x से काफी कम है। हालांकि, FY28 के लिए 24x का फॉरवर्ड P/E यह संकेत देता है कि निवेशक भविष्य की अर्निंग ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं।
भारतीय वेल्थ सेक्टर में मजबूत पोजीशन
भारतीय वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर में बड़े संस्थानों और UBS जैसे ग्लोबल प्लेयर्स की दिलचस्पी बढ़ रही है। 360 ONE WAM अपने इंटीग्रेटेड मॉडल के साथ इस बदलते बाजार में अच्छी पोजीशन में है, जो वेल्थ, एसेट मैनेजमेंट और कैपिटल मार्केट्स को कवर करता है। यह अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (UHNI) और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को सेवाएं देता है। ET Money के जरिए मिड-मार्केट HNI सेगमेंट और मास मार्केट में विस्तार इसकी पहुंच को और बढ़ाता है।
RoE में गिरावट और Profit Quality पर सवाल
हालांकि, नतीजों पर गहराई से नजर डालने पर कुछ चुनौतियां भी सामने आती हैं। FY26 में 360 ONE WAM का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 19.3% रहा, जो हालिया अधिग्रहणों के कारण हुए इक्विटी डाइल्यूशन (equity dilution) से प्रभावित हुआ। यह बताता है कि कैपिटल पर एक्चुअल रिटर्न दबाव में हो सकता है। ग्रोथ में लगातार निवेश के कारण कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो (cost-to-income ratio) ऊंचा है, जिससे शॉर्ट-टर्म ऑपरेटिंग एफिशिएंसी प्रभावित हो रही है। B&K Securities और UBS के इंडियन वेल्थ बिजनेस सहित कई अधिग्रहणों को मर्ज करने में ऑपरेशनल रिस्क (operational risks) और पूरी क्षमता हासिल करने की चुनौतियां शामिल हैं। ARR बेस के मजबूत होने के बावजूद, रेवेन्यू और AUM ग्रोथ कैपिटल मार्केट के परफॉर्मेंस से प्रभावित हो सकती है।
भविष्य की राह और एनालिस्ट्स की राय
इन चिंताओं के बावजूद, मैनेजमेंट लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन के लिए निरंतर ग्रोथ की योजना बना रहा है। एनालिस्ट्स अक्सर 360 ONE WAM के लिए 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) की सलाह देते हैं, जो ऑर्गेनिक विस्तार और अधिग्रहणों से होने वाली ग्रोथ के दम पर सालाना 15-25% की अर्निंग ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। AUM ग्रोथ को शेयरहोल्डर रिटर्न्स में बदलने के लिए इंटीग्रेशन और कॉस्ट मैनेजमेंट में कंपनी की सफलता महत्वपूर्ण होगी।
