WhiteOak Capital AMC के CEO आशिष सोमैया ने निवेशकों को सलाह दी है कि बाजार में पिछले दो सालों से जारी सुस्ती के बावजूद अपनी SIP (Systematic Investment Plan) जारी रखें।
WhiteOak Capital AMC के CEO आशिष सोमैया ने रिटेल निवेशकों को आगाह किया है कि वे बाजार के हालिया उतार-चढ़ाव या सुस्ती को देखकर घबराएं नहीं। सोमैया का मानना है कि पिछले 2 सालों में मार्केट से भले ही उम्मीद के मुताबिक रिटर्न न मिला हो, लेकिन इस समय SIP रोकना आपकी लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन की रणनीति के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
क्यों जारी रखें SIP?
इतिहास गवाह है कि शेयर बाजार में बड़ा वेल्थ क्रिएशन अक्सर छोटे लेकिन बहुत ही 'पावरफुल' समय के दौरान होता है। सोमैया के अनुसार, जब आप फ्लैट मार्केट में SIP बंद करते हैं, तो आप रिकवरी फेज का फायदा उठाने का मौका गंवा देते हैं। SIP का सबसे बड़ा फायदा 'कॉस्ट एवरेजिंग' है। जब बाजार सस्ता होता है, तो आपको ज्यादा यूनिट्स मिलते हैं, जो आने वाले तेजी के दौर में आपके पोर्टफोलियो को बड़ा बूस्ट देते हैं।
रिस्क मैनेजमेंट और डायवर्सिफिकेशन
अगर आपको केवल इक्विटी में निवेश करने से डर लग रहा है, तो सारा पैसा एक जगह लगाने की जरूरत नहीं है। सोमैया ने रिस्क को कम करने के लिए इन विकल्पों का सुझाव दिया है:
- हाइब्रिड फंड्स (Hybrid Funds): ये फंड्स इक्विटी, फिक्स्ड इनकम और गोल्ड के बीच बैलेंस बनाते हैं, जिससे पोर्टफोलियो पर मार्केट की अस्थिरता का असर कम होता है।
- REITs और InvITs: इन इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए आप रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे टेंजिबल एसेट्स से होने वाली कमाई (जैसे रेंटल इनकम या टोल रेवेन्यू) का हिस्सा बन सकते हैं।
लॉन्ग-टर्म का रखें ध्यान
याद रखें, अनुशासन का मतलब यह नहीं है कि आपको हमेशा प्रॉफिट ही होगा, बल्कि इसका मतलब यह है कि आप बाजार में गिरावट के वक्त घबराहट में बिकवाली करने जैसे इमोशनल जाल से बच पाएंगे। अपने एसेट एलोकेशन को अपनी जरूरतों और रिस्क लेने की क्षमता के अनुसार मॉनिटर करते रहें। शोर-शराबे वाली छोटी अवधि की हलचल के बजाय, अपने लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल लक्ष्यों पर फोकस बनाए रखना ही समझदारी है।
