UTI Nifty 50 Index Fund ने पिछले तीन महीनों में **3.6%** का शानदार रिटर्न दिया है, जो इस कैटेगरी के बड़े फंड्स में सबसे ज़्यादा है। लेकिन, यह समझना ज़रूरी है कि इंडेक्स फंड का मकसद बाज़ार को मात देना नहीं, बल्कि उसे फॉलो करना होता है। इसलिए, 'ट्रैकिंग एरर' पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है, जो बताता है कि फंड अपने निफ्टी 50 बेंचमार्क को कितनी बारीकी से फॉलो कर रहा है।
क्या हुआ?
28 जून, 2026 को खत्म हुई तीन महीने की अवधि में, UTI Nifty 50 Index Fund निफ्टी इंडेक्स म्यूचुअल फंड कैटेगरी में सबसे अव्वल रहा है। इसने 3.6% का रिटर्न दिया। इसी अवधि में Navi Nifty 50 Index Fund और Nippon India Index Fund-Nifty 50 Plan जैसे फंड्स ने भी 3.6% का रिटर्न दर्ज किया। कम से कम ₹1,500 करोड़ के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) वाले टॉप पांच फंड्स में UTI फंड का कॉर्पस सबसे बड़ा, यानी ₹27,826.9 करोड़ है।
ट्रैकिंग एरर क्यों मायने रखता है?
निवेशकों के लिए एक्टिव म्यूचुअल फंड और इंडेक्स फंड के बीच का अंतर समझना महत्वपूर्ण है। एक्टिव फंड्स 'बाज़ार को मात' देने के लिए स्टॉक चुनते हैं, जबकि इंडेक्स फंड का एक ही लक्ष्य होता है: निफ्टी 50 इंडेक्स को यथासंभव बारीकी से कॉपी करना।
इंडेक्स फंड के रिटर्न और खुद निफ्टी 50 बेंचमार्क के रिटर्न के बीच के अंतर को 'ट्रैकिंग एरर' कहा जाता है। चूँकि इंडेक्स फंड में मैनेजमेंट फीस और ट्रेडिंग कॉस्ट जैसे खर्चे होते हैं, वे लगभग हमेशा उस इंडेक्स से थोड़ा कम प्रदर्शन करते हैं जिसका वे अनुसरण करते हैं। छोटा ट्रैकिंग एरर (Tracking Error) का मतलब है कि फंड इंडेक्स की नकल करने में बेहतर काम कर रहा है।
परफॉर्मेंस का अंतर
हालांकि फंड ने छोटी अवधि में बढ़त हासिल की, लेकिन लंबी अवधि में बेंचमार्क की तुलना में इसके प्रदर्शन को देखना मददगार है। डेटा से पता चलता है कि फंड पिछले एक और तीन सालों में निफ्टी 50 इंडेक्स से पिछड़ गया था। एक साल की अवधि में, बेंचमार्क ने -3.5% का रिटर्न दिया, और फंड इससे 0.3% अंक पीछे रहा। तीन साल की अवधि में, बेंचमार्क ने 10.1% का रिटर्न दिया, जबकि फंड इंडेक्स से 0.4% अंक पीछे रहा।
निवेशक इसे कैसे देखें?
इंडेक्स फंड चुनते समय, कुछ महीनों के लिए 'चार्ट टॉप' करने वाले पर ध्यान केंद्रित करना भ्रामक हो सकता है। चूंकि सभी निफ्टी 50 इंडेक्स फंड बिल्कुल उन्हीं 50 स्टॉक्स में निवेश कर रहे हैं, इसलिए उनके रिटर्न में मुख्य अंतर आमतौर पर दो कारकों के कारण होते हैं: एक्सपेंस रेशियो (Expense Ratio) - यानी फंड द्वारा लिया जाने वाला वार्षिक शुल्क - और फंड मैनेजर की नकदी संभालने की कुशलता।
निवेशकों को विभिन्न इंडेक्स फंडों के एक्सपेंस रेशियो और ट्रैकिंग एरर की स्थिरता की तुलना करने में अधिक मूल्य मिल सकता है। कम एक्सपेंस रेशियो और लगातार कम ट्रैकिंग एरर वाला फंड आम तौर पर लंबी अवधि के पैसिव निवेश के लिए अधिक कुशल माना जाता है।
निवेशकों को क्या ट्रैक करना चाहिए?
निवेशक अपने ट्रैकिंग एरर का पता लगाने के लिए फंड की मासिक फैक्ट शीट (Monthly Fact Sheet) की जांच कर सकते हैं। यह निगरानी करना कि यह गैप स्थिर रहता है या समय के साथ कम होता है, फंड प्रभावी ढंग से लागतों का प्रबंधन कर रहा है या नहीं, इसका आकलन करने का एक उपयोगी तरीका है। निफ्टी 50 इंडेक्स फंडों के विभिन्न एक्सपेंस रेशियो की तुलना करना उन लोगों के लिए एक और सरल कदम है जो यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे अपने रिटर्न का अधिक हिस्सा अपने पास रख रहे हैं।
