UTI Mutual Fund: अब सेक्टर लीडर्स के साथ बनाएं वेल्थ, NFO हुआ लॉन्च

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AuthorMehul Desai|Published at:
UTI Mutual Fund: अब सेक्टर लीडर्स के साथ बनाएं वेल्थ, NFO हुआ लॉन्च

UTI Mutual Fund ने दो नई पैसिव इन्वेस्टमेंट स्कीम्स का NFO पेश किया है। UTI BSE India Sector Leaders ETF और Index Fund अब निवेश के लिए खुले हैं, जो BSE 500 की दिग्गज कंपनियों पर केंद्रित हैं। निवेशक इनमें **11 सितंबर, 2026** तक पैसा लगा सकते हैं।

क्या है निवेश का तरीका?

ये दोनों फंड 'BSE India Sector Leaders Total Return Index' को ट्रैक करेंगे। इस इंडेक्स में IT, टेलीकॉम, फाइनेंशियल सर्विसेज और एनर्जी जैसे सेक्टर की उन कंपनियों को शामिल किया गया है जो अपने क्षेत्र में लीडर हैं। इन फंड्स को शरवन कुमार गोयल, आयुष जैन और लोकेश कुलठिया की टीम मैनेज करेगी। यह पूरी तरह से एक रूल्स-बेस्ड (Rules-based) स्ट्रैटेजी है, जहाँ फंड मैनेजर का दखल कम होता है और लक्ष्य इंडेक्स के परफॉर्मेंस को हूबहू कॉपी करना होता है।

आपके पास दो विकल्प

निवेशकों की सुविधा के लिए कंपनी ने दो स्ट्रक्चर दिए हैं:

  • ETF वर्जन: इसे स्टॉक की तरह एक्सचेंज पर खरीदा-बेचा जा सकता है। इसके लिए डीमैट अकाउंट जरूरी है और मिनिमम इन्वेस्टमेंट ₹5,000 है।
  • इंडेक्स फंड: यह ट्रेडिशनल म्यूचुअल फंड की तरह है। इसमें आप सीधे फंड हाउस से ₹1,000 के साथ शुरुआत कर सकते हैं।

अच्छी बात यह है कि दोनों ही स्कीम्स पर कोई एंट्री या एग्जिट लोड नहीं है।

जरूरी बातें और रिस्क

चूंकि ये फंड्स 'सेक्टर लीडर्स' पर आधारित हैं, इसलिए इनका पोर्टफोलियो Nifty 50 या Sensex जैसे ब्रॉड इंडेक्स के मुकाबले ज्यादा कंसंट्रेटेड होगा। इसका मतलब है कि अगर इन चुनिंदा सेक्टर्स में गिरावट आती है, तो आपके निवेश की वैल्यू पर असर तेज हो सकता है।

इसके अलावा, निवेशकों को 'ट्रैकिंग एरर' (Tracking Error) को भी ध्यान में रखना चाहिए। यह इंडेक्स के रिटर्न और फंड के रिटर्न के बीच का अंतर है। एक्सपेंस रेशियो और अन्य खर्चों के कारण फंड का प्रदर्शन इंडेक्स से थोड़ा अलग हो सकता है। चूंकि यह इक्विटी-लिंक्ड प्रोडक्ट है, इसलिए इसमें मार्केट रिस्क बना रहता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.