India Post और UTI Mutual Fund ने ग्रामीण इलाकों में निवेशकों को लुभाने के लिए अपने डोरस्टेप KYC सर्विस का दायरा पूरे देश में बढ़ा दिया है। इस पहल का मकसद निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाना और पोस्ट ऑफिस के विशाल नेटवर्क के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना है।
पहुंच और सुविधा का विस्तार
UTI Asset Management Company ने देश भर में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए Department of Posts के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य उन ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में निवेशकों तक पहुंचना है, जहां बैंक ब्रांच का मिलना मुश्किल होता है। अब पोस्ट ऑफिस का नेटवर्क म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए एक बड़ा जरिया बनेगा।
क्यों है यह खास?
म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए KYC एक बड़ी बाधा बनी रहती है, खासकर उन लोगों के लिए जो टेक्नोलॉजी से कम वाकिफ हैं। डोरस्टेप सर्विस से कागजी कार्रवाई का झंझट खत्म होगा और नए निवेशकों का जुड़ना आसान हो जाएगा। एक सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद, अब तक India Post ने UTI और Specified Undertaking of the Unit Trust of India के लिए 5,00,000 से ज्यादा KYC वेरिफिकेशन पूरे कर लिए हैं।
इंडस्ट्री पर असर
इस मॉडल की सफलता को देखते हुए, Department of Posts अब Nippon India Mutual Fund और State Bank of India Mutual Fund जैसी अन्य प्रमुख कंपनियों को भी यह सुविधा दे रहा है। जुलाई 2025 में Association of Mutual Funds in India के साथ तालमेल के बाद, पोस्ट ऑफिस के 1,64,000 से ज्यादा सेंटर्स को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने का काम तेज हो गया है।
निवेशकों के लिए संकेत
कंपनी के लिए यह एक रणनीतिक कदम है, जिससे लॉन्ग टर्म में कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट में कमी आ सकती है और एसेट ग्रोथ को रफ्तार मिल सकती है। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि यह बढ़ा हुआ नेटवर्क कितनी तेजी से नई स्कीमों में इन्फ्लो और नए रजिस्ट्रेशन में तब्दील होता है।
