PMS के दिग्गज खिलाड़ी Stallion Asset ने अब म्यूचुअल फंड सेक्टर में उतरने का ऐलान किया है। कंपनी अगले 18 महीनों में रिटेल निवेशकों के लिए नए प्रोडक्ट्स लाने की योजना बना रही है, जिसके लिए उसे हाल ही में बड़ी रेगुलेटरी अप्रूवल मिली है।
PMS से म्यूचुअल फंड तक का सफर
फिलहाल पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) में सक्रिय Stallion Asset अब अपने दायरे को और बढ़ा रहा है। फाउंडर अमित जेसवानी ने पुष्टि की है कि कंपनी अगले 18 महीनों के भीतर अपना म्यूचुअल फंड बिजनेस शुरू करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। यह कदम हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स से हटकर सीधे आम रिटेल निवेशकों तक पहुंचने की रणनीति का हिस्सा है।
SEBI से मिली बड़ी कामयाबी
म्यूचुअल फंड की दुनिया में एंट्री करने से पहले कंपनी ने अपनी नींव मजबूत की है। 9 सितंबर, 2026 को कंपनी को SEBI से 'कैटेगरी 3' ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) को ऑपरेट करने की अनुमति मिल गई है। यह फंड आने वाले कुछ हफ्तों में लॉन्च हो सकता है। बता दें कि 'कैटेगरी 3 AIF' में अक्सर कॉम्प्लेक्स ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी अपनाई जाती है और यह उन निवेशकों के लिए है जो ज्यादा रिस्क और कैपिटल लेकर निवेश करना चाहते हैं।
मौजूदा प्रदर्शन और चुनौतियां
कंपनी का मौजूदा प्रदर्शन काफी दमदार रहा है। Stallion Asset फिलहाल ₹9,547 करोड़ की एसेट्स मैनेज कर रही है। कंपनी का दावा है कि उसने पिछले छह महीनों में 25.3% का रिटर्न और शुरुआत से अब तक 28.4% का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दिया है, जबकि इसी दौरान BSE 500 TRI इंडेक्स 14.1% ही रहा है।
हालांकि, PMS से म्यूचुअल फंड के स्ट्रक्चर में शिफ्ट होना एक चुनौतीपूर्ण सफर होगा। म्यूचुअल फंड्स में लिक्विडिटी, डिस्क्लोजर और रेगुलेटरी नॉर्म्स PMS के मुकाबले काफी सख्त होते हैं। रिटेल मार्केट में अपनी जगह बनाने के लिए कंपनी को एक मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क तैयार करना होगा और उन बड़े प्लेयर्स को टक्कर देनी होगी जो पहले से ही इस सेक्टर पर काबिज हैं। निवेशकों को अब कंपनी के आगामी AIF लॉन्च और म्यूचुअल फंड लाइसेंस की दिशा में होने वाले घटनाक्रमों पर नजर रखनी चाहिए।
