Specialized Investment Funds: रईस निवेशकों की पसंद बनी यह कैटेगरी, AUM में **528%** का जबरदस्त उछाल

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Specialized Investment Funds: रईस निवेशकों की पसंद बनी यह कैटेगरी, AUM में **528%** का जबरदस्त उछाल

भारत में Specialized Investment Funds (SIFs) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। अगस्त 2026 तक इनका AUM बढ़कर **₹31,175 करोड़** के पार पहुंच गया है, जो मात्र 8 महीनों में **528%** की रिकॉर्ड वृद्धि दर्शाता है।

क्या है विकास की कहानी?

जनवरी 2026 में इन फंड्स का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) महज ₹4,928 करोड़ था, जो अगस्त के अंत तक बढ़कर ₹31,175 करोड़ हो गया है। यह तेजी साफ बताती है कि धनी निवेशक अब म्यूचुअल फंड्स और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) के बीच के विकल्प की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

हाइब्रिड स्ट्रैटेजी पर निवेशकों का भरोसा

बाजार के उतार-चढ़ाव को संभालने के लिए निवेशक हाइब्रिड स्ट्रैटेजी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इन 8 महीनों के दौरान आए कुल नेट इनफ्लो में से 60% हिस्सा यानी करीब ₹7,699.38 करोड़ केवल हाइब्रिड स्कीमों में गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह म्यूचुअल फंड्स की तुलना में मिलने वाली अधिक लचीलापन (flexibility) है।

कौन कर सकता है निवेश?

यह कैटेगरी खास तौर पर रईस निवेशकों (HNI) के लिए बनाई गई है, जहां एंट्री के लिए कम से कम ₹10 लाख का निवेश जरूरी है। वर्तमान में 17 एसेट मैनेजमेंट कंपनियां 33 स्कीमों के जरिए 1.25 लाख से अधिक फोलियो को मैनेज कर रही हैं। केवल जुलाई से अगस्त के बीच ही फोलियो की संख्या 94,447 से बढ़कर 1,25,539 हो गई है।

निवेशकों के लिए सावधानी

निवेशकों को यह समझना होगा कि जहां ये फंड्स अधिक कंट्रोल और फ्लेक्सिबिलिटी देते हैं, वहीं इनके जोखिम भी म्यूचुअल फंड्स से अलग और जटिल हो सकते हैं। लंबी अवधि में फंड मैनेजर की परफॉर्मेंस ही यह तय करेगी कि क्या ये फंड्स अपनी शुरुआत की इस चमक को बरकरार रख पाएंगे या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.