स्मॉल और मिड-कैप फंड्स का कमाल: 10 साल में 17% तक का दमदार CAGR!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
स्मॉल और मिड-कैप फंड्स का कमाल: 10 साल में 17% तक का दमदार CAGR!

स्मॉल-कैप और मिड-कैप म्यूचुअल फंड्स ने पिछले एक दशक में 17% तक के सालाना रिटर्न के साथ अन्य सभी कैटेगरी को पीछे छोड़ दिया है। भले ही निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है और मंथली इनफ्लो (Monthly Inflow) जोरदार है, लेकिन एक्सपर्ट्स आगाह कर रहे हैं कि मौजूदा हाई वैल्यूएशन (High Valuation) के कारण भविष्य में उतार-चढ़ाव का खतरा बढ़ सकता है।

Detailed Coverage

इन फंड्स का प्रदर्शन रहा लाजवाब

स्मॉल-कैप और मिड-कैप म्यूचुअल फंड्स लगातार कई टाइमफ्रेम में प्रदर्शन चार्ट में सबसे आगे रहे हैं। ICRA Analytics के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, स्मॉल-कैप फंड्स ने पिछले 10 सालों में 16.94% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया है। वहीं, मिड-कैप स्कीम्स ने भी शानदार नतीजे दिखाए हैं, तीन साल की परफॉर्मेंस कैटेगरी में 18.76% CAGR के साथ टॉप पर रहे और 10 साल की अवधि में 16.02% CAGR बनाए रखा।

निवेशकों की भागीदारी और इनफ्लो (Inflows)

इस दमदार रिटर्न के ट्रेंड ने निवेशकों की दिलचस्पी में भारी बढ़ोतरी की है। जून 2024 से जून 2026 के बीच, इन कैटेगरी के लिए निवेशक खातों (जिन्हें फोलियो कहा जाता है) की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। फिलहाल, स्मॉल और मिड-कैप स्कीम्स ओपन-एंडेड इक्विटी म्यूचुअल फंड फोलियो का 32% से अधिक हिस्सा रखती हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि इन फंड्स ने औसतन ₹4,777 करोड़ प्रति माह का नेट इनफ्लो (Net Inflow) आकर्षित किया है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए आया है।

वैल्यूएशन का जोखिम और मार्केट का आउटलुक

लंबे समय से चले आ रहे प्रदर्शन के बावजूद, मौजूदा बाजार की स्थितियां सावधानी बरतने की सलाह देती हैं। एनालिस्ट्स ने इस बात पर चिंता जताई है कि कई अंडरलाइंग स्टॉक्स (Underlying Stocks) के हाई वैल्यूएशन लेवल बाजार में करेक्शन (Correction) और प्राइस स्विंग्स (Price Swings) के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। चूंकि वैल्यूएशन पहले से ही खिंचा हुआ है, इसलिए इन फंड्स से भविष्य में मिलने वाला रिटर्न, स्टॉक प्राइस मल्टीपल्स (Stock Price Multiples) के विस्तार के बजाय कंपनियों द्वारा वास्तविक मुनाफा (Actual Profits) कमाने की क्षमता पर अधिक निर्भर करेगा।

इन कैटेगरी में निवेश करने वाले निवेशक अक्सर छोटी कंपनियों के समय के साथ बड़ी बनने से लाभ उठाने की उम्मीद करते हैं। हालांकि, इन फंड्स का प्रदर्शन व्यापक अर्थव्यवस्था और व्यक्तिगत कंपनियों की अपनी बिजनेस योजनाओं को लागू करने की क्षमता से closely linked है। जैसे-जैसे बाजार एक ऐसे फेज में प्रवेश कर रहा है जहां कमाई का विकास (Earnings Growth) वैल्यू का प्राथमिक चालक बनता है, रिटर्न बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत स्टॉक चयन (Stock Selection) और अंडरलाइंग कंपनी के फंडामेंटल्स (Fundamentals) की क्वालिटी और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इन फंड्स पर नजर रखें कि वे कैसे जोखिम का प्रबंधन करते हैं और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन (Portfolio Diversification) बनाए रखते हैं, खासकर जब बाजार में अस्थिरता (Volatility) का दौर चल रहा हो।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.