Small-Cap Funds: निवेशकों में जबरदस्त क्रेज, जुलाई में आए रिकॉर्ड **₹7,768 करोड़**; क्या ये रिस्की है?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Small-Cap Funds: निवेशकों में जबरदस्त क्रेज, जुलाई में आए रिकॉर्ड **₹7,768 करोड़**; क्या ये रिस्की है?

जुलाई **2026** में स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड्स में निवेश का नया रिकॉर्ड बना है। निवेशकों ने इन फंड्स में **₹7,768 करोड़** का निवेश किया है, जबकि लार्ज-कैप फंड्स से पैसे बाहर निकले हैं।

इनफ्लो का गणित

जुलाई 2026 में म्यूचुअल फंड डेटा ने बाजार का मिजाज साफ कर दिया है। जहां स्मॉल-कैप फंड्स ने ₹7,768 करोड़ का शानदार इनफ्लो हासिल किया, वहीं मिड-कैप कैटेगरी में ₹6,192 करोड़ आए। दिलचस्प बात यह है कि निवेशकों ने लार्ज-कैप से दूरी बनाई और ₹1,322 करोड़ का आउटफ्लो दर्ज किया गया। यह दिखाता है कि रिटेल निवेशक अब छोटी कंपनियों की ग्रोथ पर बड़ा दांव लगा रहे हैं।

क्यों बढ़ रहा है आकर्षण?

इस तेजी के पीछे मजबूत फंडामेंटल कारण हैं। FY27 की पहली तिमाही में Nifty Smallcap 250 इंडेक्स वाली कंपनियों ने साल-दर-साल 30% से ज्यादा की प्रॉफिट ग्रोथ दिखाई है। यह मुनाफा केवल मार्केट सेंटीमेंट नहीं, बल्कि कंपनियों के असली काम का नतीजा है।

एक्सपर्ट्स की चेतावनी: कहां है रिस्क?

बाजार के जानकारों का मानना है कि स्मॉल-कैप स्टॉक्स अब अपने 5 साल के ऐतिहासिक औसत से कहीं ज्यादा महंगे (High P/E Multiples) ट्रेड कर रहे हैं। ऐसे में अगर कंपनियों के नतीजे उम्मीदों से थोड़े भी कम रहे, तो बाजार में बड़ी गिरावट आ सकती है।

इसके अलावा लिक्विडिटी (Liquidity) एक बड़ा सिरदर्द है। कम संख्या में उपलब्ध क्वालिटी स्टॉक्स में भारी पैसा आने से वैल्यूएशन बेतहाशा बढ़ गए हैं। यदि बाजार का मूड बिगड़ता है, तो फंड मैनेजर्स के लिए इन पोजीशंस को बेचना मुश्किल हो सकता है, जिससे निवेशकों को पोर्टफोलियो में भारी उतार-चढ़ाव झेलना पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए सलाह: स्मॉल-कैप में निवेश को रेगुलेटर्स बहुत हाई रिस्क कैटेगरी में रखते हैं। यदि आप लंबी अवधि का नजरिया रखते हैं और बाजार के झटकों को सहने की क्षमता रखते हैं, तभी इस सेगमेंट में बने रहना सही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.