SIP Inflows: निवेशकों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, SIP का आंकड़ा ₹32,297 करोड़ के पार

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AuthorNeha Patil|Published at:
SIP Inflows: निवेशकों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, SIP का आंकड़ा ₹32,297 करोड़ के पार

भारतीय निवेशकों का म्यूचुअल फंड के प्रति क्रेज लगातार बढ़ रहा है। अगस्त 2026 में SIP के जरिए रिकॉर्ड **₹32,297 करोड़** का निवेश आया है, और कुल इंडस्ट्री एसेट **₹87 लाख करोड़** के आंकड़े को पार कर गई है।

निवेश का नया कीर्तिमान

भारतीय निवेशकों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे लंबी अवधि के वेल्थ क्रिएशन पर भरोसा कर रहे हैं। अगस्त 2026 में SIP अकाउंट्स की संख्या 10 करोड़ के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई है। पिछले 66 महीनों से लगातार जारी यह निवेश का सिलसिला भारतीय बाजार के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच बना हुआ है, जो विदेशी निवेशकों की अनिश्चितता के बीच भी बाजार को सहारा दे रहा है।

स्मॉल-कैप बनाम लार्ज-कैप

म्यूचुअल फंड के डेटा में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिल रहा है। निवेशक सुरक्षित लार्ज-कैप फंड्स से पैसा निकालकर स्मॉल और मिड-कैप स्कीम्स की ओर भाग रहे हैं। जहां स्मॉल-कैप फंड्स में ₹7,973 करोड़ और मिड-कैप फंड्स में ₹6,989 करोड़ का निवेश आया, वहीं इसके उलट लार्ज-कैप फंड्स से ₹1,147 करोड़ की निकासी (Outflow) दर्ज की गई। यह साफ संकेत है कि रिटेल निवेशक फिलहाल पूंजी बचाने के बजाय आक्रामक ग्रोथ के पीछे भाग रहे हैं।

रिस्क और रेगुलेटर की नजर

भले ही निवेश का फ्लो शानदार है, लेकिन एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि स्मॉल और मिड-कैप स्टॉक्स के बढ़ते वैल्यूएशन चिंता का विषय हो सकते हैं। अगर बाजार में बड़ी गिरावट आती है, तो ये छोटे स्टॉक्स ज्यादा गिर सकते हैं। यही कारण है कि SEBI इस पूरे सेगमेंट पर पैनी नजर बनाए हुए है और लिक्विडिटी स्ट्रेस-टेस्टिंग को लेकर समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करता रहता है। आने वाले समय में रेगुलेटरी बदलाव या एक्सपेंस रेशियो से जुड़े नए नियम निवेशकों के सेंटिमेंट पर असर डाल सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.