Systemic Investment Funds (SIFs): बाजार की गिरावट में भी चमके, AUM पहुंचा **₹40,000 करोड़** के पार

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AuthorAditya Rao|Published at:
Systemic Investment Funds (SIFs): बाजार की गिरावट में भी चमके, AUM पहुंचा **₹40,000 करोड़** के पार

Systemic Investment Funds (SIFs) ने अपने पहले ही साल में निवेशकों का भरोसा जीता है। बाजार में भारी गिरावट के बावजूद अधिकांश SIFs ने Nifty 50 को पछाड़ा है और अब इनका कुल AUM **₹40,000 करोड़** के स्तर को पार कर गया है।

बाजार की गिरावट में बना सुरक्षा कवच

अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो 34 में से 33 SIFs ने Nifty 50 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। इस दौरान जहां Nifty 50 में 10.1% की गिरावट आई और Nifty 500 5.4% टूटा, वहीं SIFs ने अपनी रणनीति के दम पर निवेशकों की पूंजी को काफी हद तक सुरक्षित रखा।

कैसे काम करती है रणनीति?

SIFs की कामयाबी के पीछे इनका खास 'हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट' मॉडल है। ये फंड्स 25% तक ही शॉर्ट एक्सपोजर रखते हैं, जिससे बाजार की रोजाना की उठापटक का असर कम हो जाता है। यही कारण है कि हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स और फैमिली ऑफिस अब म्यूचुअल फंड्स और कॉम्प्लेक्स AIFs के बीच का रास्ता तलाशते हुए इन फंड्स की ओर बढ़ रहे हैं। अक्टूबर 2025 में ₹2,010 करोड़ से शुरू हुआ सफर आज ₹40,000 करोड़ के मुकाम पर पहुंच गया है।

क्या हैं निवेश के जोखिम?

सावधानी बरतनी भी जरूरी है, क्योंकि SIFs आम रिटेल निवेशकों के लिए नहीं हैं। इनमें लिक्विडिटी की समस्या हो सकती है। सामान्य म्यूचुअल फंड्स के उलट, कई SIFs में हफ्ते में केवल दो बार ही पैसा निकालने (रिडेम्पशन) की सुविधा होती है, जो बाजार के तनावपूर्ण समय में मुश्किल पैदा कर सकती है। साथ ही, डेरिवेटिव्स पर आधारित होने के कारण अगर इनकी हेजिंग स्ट्रैटेजी फेल होती है, तो नुकसान का जोखिम बना रहता है। अब असली परीक्षा इनके लिए बुल मार्केट (तेजी के बाजार) में होगी, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि ये फंड्स 'अल्फा' जेनरेट करने में कितने सक्षम हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.