Specialised Investment Funds: पहले साल में ही ₹37,000 करोड़ का बड़ा निवेश, Wealth Management का बदला ट्रेंड

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AuthorNeha Patil|Published at:
Specialised Investment Funds: पहले साल में ही ₹37,000 करोड़ का बड़ा निवेश, Wealth Management का बदला ट्रेंड

भारत के Specialised Investment Funds (SIFs) ने अपने पहले ही साल में निवेशकों से **₹37,000 करोड़** जुटा लिए हैं। ये फंड्स म्युचुअल फंड और PMS के बीच की कड़ी बनकर उभरे हैं, जो HNI निवेशकों को डेरिवेटिव स्ट्रेटेजी में ज्यादा आजादी देते हैं।

बाजार में नया बदलाव

इन्वेस्टमेंट का नजरिया बदल रहा है। पारंपरिक म्युचुअल फंड्स के मुकाबले अब निवेशक कुछ अलग तलाश रहे हैं। यही कारण है कि स्पेशल फंड्स (SIFs) ने महज एक साल में 1.5 लाख फोलियो के जरिए ₹36,000 करोड़ से ₹37,000 करोड़ का फंड इकट्ठा कर लिया है। जहाँ एक तरफ पारंपरिक म्युचुअल फंड्स ₹82 लाख करोड़ से ज्यादा के एसेट मैनेज कर रहे हैं, वहीं SIFs उन निवेशकों के लिए एक 'मिडल पाथ' बनकर सामने आए हैं जो PMS की भारी-भरकम शर्तों से बचना चाहते हैं।

क्यों खास हैं ये फंड्स?

SIFs की सबसे बड़ी ताकत है उनकी फ्लेक्सिबिलिटी। म्युचुअल फंड्स पर सख्त रेगुलेटरी लगाम होती है, लेकिन SIFs में फंड मैनेजर को डेरिवेटिव्स और ऑप्शंस के इस्तेमाल की ज्यादा आजादी मिलती है। इससे मैनेजर ऐसी स्ट्रेटेजी बना पाते हैं जो मार्केट की उठापटक से काफी हद तक सुरक्षित रह सकती हैं।

सामने आ रही चुनौतियां

विकास की रफ्तार अच्छी है, लेकिन राह में कुछ अड़चनें भी हैं। फिलहाल SIFs के पास केवल 12,000 सर्टिफाइड डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं, जो म्युचुअल फंड इंडस्ट्री के मुकाबले बहुत कम है। इसी को देखते हुए अब इंडस्ट्री बॉडीज सर्टिफिकेशन प्रोसेस को आसान बनाने पर काम कर रही हैं, जिसमें NISM Series 5G मानकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

टेक्नोलॉजी का सहारा

ऑपरेशनल गैप को कम करने के लिए फंड मैनेजर्स अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक टेक्नोलॉजी का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। रिसर्च से लेकर रिस्क मैनेजमेंट और ऑनबोर्डिंग तक, सब कुछ ऑटोमेट किया जा रहा है ताकि खर्च कम रहे।

आगे चलकर GIFT सिटी (Gujarat International Fin-Tec City) के जरिए इन फंड्स को ग्लोबल मार्केट में भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि ये फंड्स बड़े साइज के साथ अपने रिस्क मैनेजमेंट को कैसे बरकरार रखते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.