SBI Mutual Fund ने लॉन्च किया नया फंड! ₹5,000 में पाएं जून 2034 तक निवेश का मौका

MUTUAL-FUNDS
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
SBI Mutual Fund ने लॉन्च किया नया फंड! ₹5,000 में पाएं जून 2034 तक निवेश का मौका

SBI Mutual Fund ने निवेशकों के लिए एक नया निवेश विकल्प पेश किया है। कंपनी ने SBI CRISIL-IBX SDL Index – June 2034 Fund नाम से एक नया टारगेट मैच्योरिटी इंडेक्स फंड लॉन्च किया है, जिसका NFO (New Fund Offer) 7 जुलाई से 14 जुलाई तक खुला रहेगा। इस फंड में ₹5,000 के न्यूनतम निवेश से लंबी अवधि के लिए स्टेट गवर्नमेंट बॉन्ड्स में निवेश किया जा सकता है।

क्या है SBI CRISIL-IBX SDL Index – June 2034 Fund?

SBI Mutual Fund की यह एक ओपन-एंडेड पैसिव डेट स्कीम है, जो CRISIL-IBX SDL Index – June 2034 को ट्रैक करेगी। इसका मतलब है कि यह फंड जून 2034 में मैच्योर होने वाले स्टेट डेवलपमेंट लोन (SDLs) यानी राज्य सरकारों द्वारा जारी किए गए बॉन्ड्स में निवेश करेगा। SDLs को सरकारी गारंटी के कारण कम क्रेडिट रिस्क वाला माना जाता है।

निवेश की रणनीति और पोर्टफोलियो

इस फंड का 95% से 100% हिस्सा उन सिक्योरिटीज में निवेश किया जाएगा जो अंडरलाइंग इंडेक्स का हिस्सा हैं। फंड मैनेजर, राजीव राधाकृष्णन, लिक्विडिटी और कैश फ्लो जरूरतों को पूरा करने के लिए बाकी 5% तक राशि ट्रेजरी बिल्स, कमर्शियल पेपर्स और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट्स जैसे लिक्विड इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कर सकते हैं।

टारगेट मैच्योरिटी फंड्स को समझें

यह एक टारगेट मैच्योरिटी फंड है, जिसे निवेशक जून 2034 तक होल्ड करने के इरादे से खरीद सकते हैं। एक्टिवली मैनेज्ड फंड्स के विपरीत, यह फंड अपने बॉन्ड्स को मैच्योरिटी तक होल्ड करता है, जिससे लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए इंटरेस्ट रेट रिस्क कम हो सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि लॉन्ग-ड्यूरेशन डेट में निवेश करने के कारण, यह फंड ब्याज दरों में होने वाले बदलावों के प्रति संवेदनशील रहेगा।

निवेश कैसे करें?

इस NFO में निवेशक ₹5,000 की न्यूनतम राशि से निवेश शुरू कर सकते हैं। इसके बाद, ₹1,000 की राशि से अतिरिक्त निवेश किया जा सकता है। फंड सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) का विकल्प भी प्रदान करता है।

जोखिम और रिटर्न

हालांकि टारगेट मैच्योरिटी फंड्स में कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड्स की तुलना में कम क्रेडिट रिस्क होता है, लेकिन रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। फंड के रिटर्न में ट्रैकिंग एरर (फंड के प्रदर्शन का इंडेक्स से थोड़ा अलग होना) का असर पड़ सकता है। अंतिम रिटर्न खरीदे गए राज्य सरकार बॉन्ड्स की यील्ड और होल्डिंग पीरियड के दौरान ब्याज दरों के माहौल पर निर्भर करेगा।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.