SBI MF का बड़ा कदम: लॉन्च किए दो नए ETF! स्मॉल-कैप और वैल्यू स्टॉक्स में निवेश का मौका

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
SBI MF का बड़ा कदम: लॉन्च किए दो नए ETF! स्मॉल-कैप और वैल्यू स्टॉक्स में निवेश का मौका
Overview

SBI Mutual Fund ने अपने पैसिव इन्वेस्टमेंट (Passive Investment) पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए दो नए एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) लॉन्च किए हैं: SBI Nifty200 Value 30 ETF और SBI Nifty Smallcap 250 ETF। ये नए फंड ऑफर (NFO) खास तरह के इक्विटी सेगमेंट में निवेशकों की बढ़ती रुचि को भुनाने का लक्ष्य रखते हैं।

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SBI Mutual Fund ने अपने निवेशकों के लिए दो नए एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) पेश किए हैं, जो खास वैल्यू और स्मॉल-कैप सेगमेंट पर फोकस करेंगे। SBI Nifty200 Value 30 ETF और SBI Nifty Smallcap 250 ETF नाम के ये नए फंड ऑफर (NFO) 7 मई को खुले और 18 मई तक निवेश के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस कदम से फंड हाउस का मकसद उन निवेशकों को आकर्षित करना है जो खास मार्केट सेगमेंट में इंडेक्स-लिंक्ड स्ट्रैटेजी के जरिए निवेश करना चाहते हैं।

वैल्यू और स्मॉल-कैप पर फोकस

ये ओपन-एंडेड ईटीएफ अपने बेंचमार्क इंडेक्स के प्रदर्शन को ट्रैक करेंगे। SBI Nifty Smallcap 250 ETF, Nifty Smallcap 250 Index को फॉलो करेगा, जिसमें Nifty 500 यूनिवर्स की 251वीं से 500वीं रैंक वाली कंपनियां शामिल होंगी। वहीं, SBI Nifty200 Value 30 ETF, Nifty200 Value 30 Index को ट्रैक करेगा, जिसमें Nifty 200 से चुनी गई 30 कंपनियां होंगी, जिनका चयन वैल्यू मेट्रिक्स जैसे अर्निंग्स-टू-प्राइस, बुक वैल्यू-टू-प्राइस, सेल्स-टू-प्राइस रेशियो और डिविडेंड यील्ड के आधार पर होगा। ये सेगमेंट हाई ग्रोथ पोटेंशियल वाले होते हैं, लेकिन इनमें ज्यादा वोलेटिलिटी (Volatility) भी देखी जाती है।

पैसिव इन्वेस्टिंग का बढ़ता चलन

यह लॉन्च भारत में पैसिव इन्वेस्टिंग में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के अनुरूप है। दिसंबर 2025 तक, पैसिव फंड्स का एयूएम (AUM) ₹14.20 लाख करोड़ के पार पहुंच गया था, जो पिछले साल के मुकाबले 31% ज्यादा है। कुल म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के एयूएम में इनकी हिस्सेदारी दिसंबर 2025 तक 18% हो गई थी। Nifty Smallcap 250 Index ने पिछले 5 सालों में लगभग 129.82% का सीएएजीआर (CAGR) रिटर्न दिया है, जबकि Nifty200 Value 30 Index ने 30 अप्रैल 2026 तक 1 साल में करीब 24.18% का रिटर्न दिया है।

हालांकि, ईटीएफ स्पेस में काफी मुकाबला है। HDFC, Mirae Asset और DSP जैसी कंपनियां पहले से ही Nifty Smallcap 250 Index को ट्रैक करने वाले ईटीएफ पेश कर रही हैं। SBI Mutual Fund का खुद का कुल एयूएम ₹12.70 लाख करोड़ (31 मार्च 2026 तक) है, जो इसे भारत के बड़े एसेट मैनेजर्स में से एक बनाता है।

मार्केट ट्रेंड्स: वोलेटिलिटी और वैल्यूएशन

स्मॉल-कैप और वैल्यू सेगमेंट फिलहाल काफी डायनामिक दौर से गुजर रहे हैं। 2025 में हाई वैल्यूएशन और उम्मीदों पर खरा न उतरने वाले नतीजों के चलते स्मॉल-कैप शेयरों को चुनौती मिली थी, लेकिन मार्च के निचले स्तरों से Nifty Smallcap 250 Index में 20% की जोरदार वापसी देखी गई है (6 मई 2026 तक)। एनालिस्ट्स का मानना है कि इन सेगमेंट में मौके तो हैं, लेकिन जोखिमों और वैल्यूएशन की चिंताओं के चलते सेलेक्टिव स्टॉक पिकिंग ज्यादा जरूरी है।

वैल्यू इन्वेस्टिंग थीम भी पिछले एक साल में काफी प्रमुख रही है, जिसमें वैल्यू फंड्स ने ग्रोथ फंड्स को पीछे छोड़ दिया है। फिर भी, वैल्यू इन्वेस्टिंग के लिए धैर्य की जरूरत होती है।

ईटीएफ को प्रभावित करने वाले रेगुलेटरी अपडेट्स

रेगुलेटर भी ईटीएफ नियमों को देख रहे हैं। SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) मार्केट की चाल के साथ बेहतर तालमेल के लिए प्राइस बैंड को एडजस्ट करने और कैलकुलेशन के लिए T-1 बेसिस का इस्तेमाल करने जैसे प्रस्तावों पर विचार कर रहा है।

निवेशकों के लिए जोखिम और विचार

इन फंड्स में ग्रोथ की संभावनाओं के बावजूद, निवेशकों को इसके जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। स्मॉल-कैप स्टॉक्स स्वाभाविक रूप से ज्यादा वोलेटाइल होते हैं और मार्केट सेंटीमेंट में बदलाव या लिक्विडिटी की कमी से जल्दी प्रभावित हो सकते हैं। 2025 में देखा गया हाई वैल्यूएशन और कुछ छोटी कंपनियों के लिए आय की अनिश्चितता, खासकर अगर मैक्रो इकोनॉमिक कंडीशन खराब होती हैं, तो तेज गिरावट का जोखिम पैदा कर सकती है। SBI Funds Management के MD & CEO, Nand Kishore ने पैसिव इन्वेस्टिंग में बढ़ती रुचि का जिक्र किया, जबकि ज्वाइंट CEO, D. P. Singh ने वैल्यू और स्मॉल-कैप सेगमेंट में ऑफरिंग बढ़ाने की बात कही। Viral Chhadva इन दोनों नए ईटीएफ को मैनेज करेंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.