SAMCO Mutual Fund के CIO उमेशकुमार मेहता ने नियामकों से भारतीय म्यूचुअल फंडों के लिए विदेशी निवेश की **$7 बिलियन** की सीमा बढ़ाने की अपील की है। मौजूदा सीमा पूरी तरह से उपयोग हो चुकी है, जिससे रिटेल निवेशकों की AI और बायोटेक्नोलॉजी जैसे ग्लोबल ग्रोथ सेक्टर तक पहुंच सीमित हो गई है।
Detailed Coverage
विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने की मांग
SAMCO Mutual Fund के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) उमेशकुमार मेहता ने भारतीय म्यूचुअल फंडों के लिए विदेशी निवेश पर लगी $7 बिलियन की नियामक सीमा में संशोधन का आह्वान किया है। मौजूदा सीमा पूरी तरह से भर चुकी है, जिसका मतलब है कि भारतीय निवेशक अब अंतरराष्ट्रीय थीम जैसे एडवांस्ड सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बायोटेक्नोलॉजी में अपना निवेश नहीं बढ़ा सकते। ये ऐसे क्षेत्र हैं जिनके सीधे विकल्प घरेलू बाजार में उपलब्ध नहीं हैं।
बाजार का नजरिया और कमाई (Market Outlook & Earnings)
मेहता का मानना है कि 2026 की दूसरी छमाही में भारतीय कंपनियों की कमाई (Earnings) इक्विटी प्रदर्शन का मुख्य कारक बनी रहेगी। उन्होंने प्रॉफिट मार्जिन में सुधार की संभावना जताई है, क्योंकि कच्चे माल की कीमतों में नरमी और भू-राजनीतिक सप्लाई चेन व्यवधानों में कमी से कंपनियों की बैलेंस शीट को राहत मिल सकती है। घरेलू मांग में स्थिरता इन कारकों को समर्थन देगी और विकास को बढ़ावा देगी। हालांकि घरेलू इनफ्लो मजबूत बने हुए हैं और उन्होंने बाजार की अस्थिरता के खिलाफ एक संरचनात्मक बफर प्रदान किया है, मेहता का कहना है कि बाजार की लिक्विडिटी और ग्लोबल प्राइस डिस्कवरी के लिए फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर (FPI) की गतिविधि महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
सेक्टर ट्रेंड और जोखिम (Sector Trends & Risks)
सेक्टर की अवसरों की बात करें तो, मेहता भारतीय एयरोस्पेस और रक्षा (Aerospace & Defence) इकोसिस्टम को एक दीर्घकालिक रुचि का क्षेत्र मानते हैं, खासकर उन कंपनियों के लिए जो वैश्विक निर्माताओं को कंपोनेंट्स सप्लाई करती हैं। इसके विपरीत, वे IT सर्विसेज सेक्टर पर सतर्क रुख बनाए हुए हैं। यहाँ मुख्य चिंता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को तेजी से अपनाने के आसपास की अनिश्चितता है। IT कंपनियों के लिए, अपने मार्जिन का त्याग किए बिना या प्रतिस्पर्धी बढ़त खोए बिना AI को अपने बिजनेस मॉडल में एकीकृत करने की क्षमता भविष्य की सफलता के लिए एक प्रमुख कारक होगी।
निवेश रणनीति में बदलाव (Shift in Investment Strategy)
जैसे-जैसे पैसिव इन्वेस्टिंग (Passive Investing) का चलन बढ़ रहा है, मेहता का तर्क है कि एक्टिव फंड मैनेजर अभी भी कठोर, रिसर्च-आधारित पोर्टफोलियो निर्माण के माध्यम से मूल्य जोड़ सकते हैं। SAMCO Mutual Fund, जो एक मॉडल-संचालित दृष्टिकोण का अनुसरण करता है, विवेकाधीन निर्णय लेने पर मात्रात्मक डेटा और मोमेंटम फैक्टर के उपयोग पर जोर देता है। वे देखते हैं कि रिटेल निवेशक अधिक परिपक्वता दिखा रहे हैं, जो अल्पकालिक बाजार में उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया करने के बजाय सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIPs) के माध्यम से दीर्घकालिक धन सृजन के प्रति अधिक प्रतिबद्धता दिखा रहे हैं।
निवेशक विदेशी निवेश कैप से संबंधित नियामक अपडेट की निगरानी कर सकते हैं, क्योंकि किसी भी वृद्धि से अंतरराष्ट्रीय विविधीकरण के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त, IT सेक्टर AI-संबंधी चुनौतियों से जिस गति से निपटता है और वैश्विक लागत कारकों के मुकाबले कॉर्पोरेट मार्जिन की स्थिरता को ट्रैक करना आने वाले महीनों में बाजार की दिशा का आकलन करने के लिए आवश्यक होगा।
