Quant Mutual Fund ने अपने पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव किया है। फंड हाउस ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है और आईटी (IT) सर्विसेज सेक्टर पर अपना फोकस बढ़ाया है।
पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव क्यों?
सितंबर 2026 तक के डेटा के अनुसार, Quant Mutual Fund अपने निवेश को फिर से संतुलित (Rebalance) कर रहा है। फंड मैनेजमेंट का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लगातार इनपुट कॉस्ट बढ़ने और सप्लाई चेन की बाधाओं के कारण मार्जिन पर दबाव रह सकता है। इसके विपरीत, आईटी सेक्टर अब उन्हें अंडरवैल्यूड लग रहा है, जहां भविष्य में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है।
क्यों ले रहा है यह रिस्क?
फंड हाउस अपनी VLRT (Valuation, Liquidity, Risk, Timing) फ्रेमवर्क का उपयोग करता है, जो बाजार में होने वाले बदलावों के साथ तेजी से तालमेल बिठाने में मदद करता है। मैनेजमेंट का मानना है कि लार्ज-कैप शेयरों में फिलहाल कंसोलिडेशन का दौर रह सकता है, इसलिए वे मिड-कैप और स्मॉल-कैप की कंपनियों में 'बॉटम-अप' स्टॉक पिकिंग पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
Quant Mutual Fund की यह सक्रिय शैली (Active Management Style) जितनी मुनाफे की संभावना रखती है, उतना ही रिस्क भी साथ लाती है।
- पोर्टफोलियो टर्नओवर: बार-बार शेयर खरीदने और बेचने से ट्रांजैक्शन कॉस्ट बढ़ती है और फंड में उतार-चढ़ाव (Volatility) अधिक रह सकता है।
- लिक्विडिटी रिस्क: स्मॉल-कैप कंपनियों पर अधिक फोकस होने के कारण, जरूरत पड़ने पर बड़े वॉल्यूम में शेयर बेचना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल, फंड हाउस एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा और टेलीकॉम जैसे सेक्टरों को लेकर भी सकारात्मक बना हुआ है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इस तरह की रणनीतिक उठा-पटक का सीधा असर फंड के लॉन्ग-टर्म प्रदर्शन पर पड़ेगा।
