Quant Multi Cap Fund ने पिछले 6 महीनों में **12.2%** का रिटर्न दिया है, जबकि Axis Multicap Fund ने 3 साल में **20.4%** का शानदार रिटर्न कमाकर बाजी मार ली है। यह अंतर दिखाता है कि निवेश की अवधि और बाजार के चक्र फंड की रैंकिंग को कैसे प्रभावित करते हैं। दोनों फंड्स को उनके लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में एक्सपोजर के कारण हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा गया है।
6 महीने में Quant, 3 साल में Axis का जलवा!
म्यूचुअल फंड्स की दुनिया में, निवेश का समय ही सब कुछ होता है, और Quant Multi Cap Fund और Axis Multicap Fund के हालिया प्रदर्शन ने इसे एक बार फिर साबित कर दिया है। 17 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, Quant Multi Cap Fund ने पिछले 6 महीनों में अपने निवेशकों को 12.2% का शानदार रिटर्न दिया है, जिससे यह अपनी कैटेगरी में सबसे आगे निकल गया है। वहीं, अगर लंबी अवधि की बात करें, तो Axis Multicap Fund ने पिछले 3 सालों में 20.4% का जबरदस्त रिटर्न देकर टॉप पर अपनी जगह बनाई है।
क्यों दिखी प्रदर्शन में इतनी बड़ी गिरावट?
यह अंतर बताता है कि कैसे बाजार के अलग-अलग चक्रों में फंड्स का प्रदर्शन बदलता है। Quant की रणनीति ने शायद शॉर्ट-टर्म मोमेंटम का फायदा उठाया, जबकि Axis Multicap का तरीका लंबे समय में ज्यादा कारगर साबित हुआ। यह समझना ज़रूरी है कि थोड़े समय का टॉप परफॉर्मर हमेशा लंबे समय तक आगे नहीं रह सकता।
मल्टी-कैप फंड्स में हाई-रिस्क का फंडा
मल्टी-कैप फंड्स, जो लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों में पैसा लगाते हैं, स्वाभाविक रूप से हाई-रिस्क वाले माने जाते हैं। इन्हें 'वेरी हाई रिस्क' कैटेगरी में रखा जाता है। मिड और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में इनका एक्सपोजर बाजार में बड़ी गिरावट आने पर ज्यादा अस्थिरता पैदा कर सकता है, क्योंकि ये सेग्मेंट्स लार्ज-कैप की तुलना में ज्यादा तेजी से गिरते हैं।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
फंड्स का मूल्यांकन करते समय, सिर्फ हालिया रिटर्न चार्ट पर ही ध्यान न दें। एक्सपेंस रेश्यो (जो नेट रिटर्न को प्रभावित करता है) और फंड की पोर्टफोलियो स्ट्रेटेजी (जैसे स्मॉल-कैप स्टॉक्स पर कितना निर्भर है) जैसी बातें भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। बाजार में गिरावट के समय फंड का रिस्क मैनेजमेंट, तेजी के समय फायदा उठाने जितना ही अहम होता है। सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपनी पर्सनल फाइनेंशियल गोल्स और रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से फंड चुनें, न कि सिर्फ शॉर्ट-टर्म के लीडर्स का पीछा करें।
