Quant Multi Asset Allocation Fund ने अपने कैटेगरी के दूसरे फंड्स को पछाड़ दिया है। इसने एक साल में **18.2%** का रिटर्न दिया है, जो कि **5.4%** के बेंचमार्क गेन से काफी ज़्यादा है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि जो फंड शॉर्ट-टर्म में सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हैं, वे अक्सर बदलते रहते हैं।
Detailed Coverage
Quant Fund ने कैसे मारी बाज़ी?
Quant Multi Asset Allocation Fund अपनी कैटेगरी में सबसे अव्वल साबित हुआ है। जुलाई 2026 के आखिर तक, इस फंड ने एक साल में 18.2% का सालाना रिटर्न दिया है। वहीं, बेंचमार्क इंडेक्स ने इसी अवधि में सिर्फ 5.4% का रिटर्न दर्ज किया। पिछले तीन सालों के आंकड़ों पर नज़र डालें तो फंड ने 21.7% का शानदार गेन दिया है, जबकि इसके बेंचमार्क का रिटर्न 7.2% रहा।
बड़ी फंड हाउसेस में किसकी कितनी हिस्सेदारी?
जब ₹1,500 करोड़ से ज़्यादा एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) वाले फंड्स की तुलना की गई, तो Nippon India Multi Asset Allocation Fund 12.0% और Aditya Birla SL Multi Asset Allocation Fund 11.8% के एक साल के रिटर्न के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। Quant फंड भले ही एक और तीन साल की अवधि में टॉप पर हो, लेकिन सबसे बड़ा कॉर्पस SBI Multi Asset Allocation Fund के पास है, जिसका AUM ₹19,354.2 करोड़ है।
शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव को समझें
यह जानना ज़रूरी है कि एक समयावधि में शानदार रिटर्न देने वाला फंड, दूसरी छोटी समयावधि में भी वैसा ही प्रदर्शन करे, यह ज़रूरी नहीं है। उदाहरण के तौर पर, WOC Multi Asset Allocation Fund ने एक महीने में 0.6% का रिटर्न देकर टॉप किया है, जबकि Quant ने तीन महीनों में 4.4% का गेन दिया था। यह दिखाता है कि फंड का प्रदर्शन काफी गतिशील होता है और यह फंड मैनेजमेंट टीम की स्ट्रैटेजी और एसेट एलोकेशन पर निर्भर करता है।
मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स, इक्विटी, डेट और गोल्ड जैसी अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करते हैं ताकि जोखिम और रिटर्न को संतुलित किया जा सके। चूंकि ये फंड्स बाज़ार की मौजूदा स्थिति के अनुसार इन सेक्टर्स में अपना एक्सपोज़र बदलते रहते हैं, इसलिए फंड मैनेजर्स के ट्रेंड्स की भविष्यवाणी कितनी सटीक होती है, इस पर इनका प्रदर्शन तेज़ी से बदल सकता है। एक साल की अवधि में ज़्यादा रिटर्न अक्सर पिछली सफल एसेट एलोकेशन की वजह से होता है, न कि भविष्य में भी ऐसे ही रिटर्न की गारंटी। आने वाले समय में, निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या फंड की स्ट्रैटेजी अलग-अलग बाज़ार चक्रों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर पाती है और इसकी तुलना सिर्फ शॉर्ट-टर्म पीयर रैंकिंग्स के बजाय व्यापक बाज़ार के रुझानों से करनी चाहिए।
