Quant Aggressive Hybrid Fund ने 1 साल में **12.3%** का रिटर्न देकर अपने कैटेगरी में टॉप किया है, जो इसके बेंचमार्क के **1.2%** के नुकसान से कहीं बेहतर है। हालांकि, यह फंड सिर्फ एक साल के प्रदर्शन में आगे है, जबकि अन्य फंड्स जैसे Bandhan और Bank of India अलग-अलग समय-सीमाओं में बेहतर नतीजे दिखा रहे हैं। निवेशकों को यह समझना होगा कि म्यूचुअल फंड की रैंकिंग समय के साथ बदलती रहती है।
Quant Aggressive Hybrid Fund का जलवा
Quant Aggressive Hybrid Fund ने 29 जुलाई 2026 तक के 1-साल के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) रिटर्न के हिसाब से एग्रेसिव हाइब्रिड कैटेगरी में बाजी मार ली है। इस फंड ने 12.3% का जोरदार रिटर्न दिया है। वहीं, इसी अवधि में इसके बेंचमार्क इंडेक्स में 1.2% की गिरावट दर्ज की गई। रिसर्च फर्म ACE MF की रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़े काफी प्रभावशाली हैं।
फंड का साइज़ और परफॉरमेंस
हाइब्रिड फंड्स का मूल्यांकन करते समय, निवेशकों के लिए फंड का साइज़ (AUM - Assets Under Management) एक अहम पहलू होता है। इस विश्लेषण में ₹1,500 करोड़ से अधिक AUM वाले फंड्स पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस ग्रुप में, SBI Equity Hybrid Fund अपनी ₹85,633.5 करोड़ की संपत्ति के साथ सबसे बड़ा फंड है। एक साल के प्रदर्शन की बात करें तो, Quant Aggressive Hybrid Fund ने अपने प्रतिद्वंद्वियों जैसे Bank of India Mid & Small Cap Equity & Debt Fund (जिसने 9.8% का रिटर्न दिया) और Bandhan Aggressive Hybrid Fund (जिसने 7.3% का रिटर्न दिया) को पीछे छोड़ दिया।
अलग-अलग टाइमफ्रेम का खेल
निवेशकों के लिए यह जानना बहुत ज़रूरी है कि अलग-अलग समय-सीमाओं (timeframes) के आधार पर फंड की परफॉरमेंस रैंकिंग में बड़ा बदलाव आ सकता है। उदाहरण के लिए, Quant Aggressive Hybrid Fund एक साल और तीन महीने की अवधि ( 6.2% ) में सबसे आगे है, लेकिन जब छोटी या लंबी अवधि की बात आती है, तो रैंकिंग बदल जाती है। सिर्फ 1-महीने की अवधि में, Bandhan Aggressive Hybrid Fund ने 2.0% का रिटर्न दिया है। वहीं, 3-साल की अवधि में, Bank of India Mid & Small Cap Equity & Debt Fund 17.4% के रिटर्न के साथ सबसे आगे है, जबकि Quant Aggressive Hybrid Fund ने अपने तीन साल के बेंचमार्क को 4.6% अंकों से पीछे छोड़ा।
ये आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि किसी भी फंड की टॉप रैंकिंग स्थायी नहीं होती। एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स इक्विटी और डेट, दोनों में निवेश करते हैं, इसलिए उनका प्रदर्शन स्टॉक और बॉन्ड मार्केट, दोनों की अस्थिरता के प्रति संवेदनशील होता है। चूंकि ये फंड समय के साथ अपनी रणनीति या होल्डिंग्स बदलते रहते हैं, इसलिए पिछले एक या तीन साल का प्रदर्शन भविष्य में समान नतीजों की गारंटी नहीं देता। केवल हालिया प्रदर्शन को देखने के बजाय, कई मार्केट साइकल्स में अपने बेंचमार्क की तुलना में फंड के प्रदर्शन की निगरानी करना, फंड मैनेजमेंट की निरंतरता का एक अधिक संपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करता है।
