Poddar Keventer Real Estate Fund: रियल एस्टेट में **400 करोड़** का दांव, क्या निवेश से पहले बरतनी चाहिए सावधानी?

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AuthorAditya Rao|Published at:
Poddar Keventer Real Estate Fund: रियल एस्टेट में **400 करोड़** का दांव, क्या निवेश से पहले बरतनी चाहिए सावधानी?

Poddar Keventer Capital Advisors ने रियल एस्टेट सेक्टर में कदम रखते हुए **400 करोड़ रुपये** का एक नया कैटेगरी-II AIF लॉन्च किया है। यह फंड दिल्ली-NCR और पश्चिम बंगाल में रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करेगा।

फंड की रणनीति और लक्ष्य

सरोद पोद्दार ग्रुप और केवेंटर ग्रुप के जॉइंट वेंचर, 'पोद्दार केवेंटर कैपिटल एडवाइजर्स' ने अपना पहला फंड पेश किया है। इस 400 करोड़ रुपये के फंड में 200 करोड़ रुपये का ग्रीन-शू ऑप्शन भी शामिल है। फंड का लक्ष्य दिल्ली-NCR और पश्चिम बंगाल में रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स को स्ट्रक्चर्ड डेट (Structured Debt) उपलब्ध कराना है। स्पॉन्सर्स ने खुद 80 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो कुल टारगेट का 20% है। कंपनी अगले 6 वर्षों में 11 से 12 मिलियन स्क्वायर फीट एरिया विकसित करने की योजना बना रही है और निवेशकों को 18% से 22% तक का ग्रॉस IRR देने का लक्ष्य रखा है।

निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factors)

इस निवेश को समझने से पहले ग्रुप के बैकग्राउंड पर नजर डालना जरूरी है। सरोद पोद्दार ग्रुप से जुड़ी कंपनी 'पोद्दार हाउसिंग एंड डेवलपमेंट' फिलहाल फाइनेंशियल और गवर्नेंस चुनौतियों का सामना कर रही है। अनुपालन (Compliance) संबंधी मुद्दों के कारण इस कंपनी का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सस्पेंडेड है।

हालांकि नया AIF एक अलग एंटिटी है, लेकिन ग्रुप का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकता है। रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश जोखिम भरा होता है, जहां प्रोजेक्ट में देरी या प्रॉपर्टी की डिमांड कम होने से कैश फ्लो पर दबाव बढ़ सकता है। यह एक लॉन्ग-टर्म लॉक-इन इन्वेस्टमेंट है, इसलिए निवेशकों को लिक्विडिटी की कमी के लिए तैयार रहना चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.