अनुशासन ही है असली ताकत!
Parag Parikh Flexicap Fund ने अपनी लगातार अनुशासन वाली निवेश रणनीति से बाज़ार में अपनी एक खास पहचान बनाई है। यह फंड बाज़ार की नश्वर चालों (fleeting market trends) पर चलने के बजाय, लंबे समय के वैल्यू (Value) पर दांव लगाता है। इस सोच के कारण यह फंड आर्थिक चक्रों (economic cycles) से भी कम वोलेटिलिटी (volatility) के साथ निकल पाता है, जो इसे बाकी फंड्स से अलग बनाती है। फंड का मुख्य फोकस नुकसान से बचना और सोच-समझकर ग्लोबल डाइवर्सिफिकेशन करना है।
भारतीय स्टॉक्स के साथ ग्लोबल कंपनियों का मेल
इस फंड की एक बड़ी खासियत यह है कि यह 35% तक विदेशी कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकता है। इससे निवेशकों को Alphabet, Amazon और Microsoft जैसी ग्लोबल लीडर्स कंपनियों में निवेश का मौका मिलता है। यह ग्लोबल निवेश, भारतीय स्टॉक्स में कम से कम 65% का मुख्य लक्ष्य पूरा करने के साथ-साथ पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाता है। इतना ही नहीं, फंड 35% तक डेट (Debt) या मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स (Money Market Instruments) में और 10% रियल एस्टेट (Real Estate) या इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट्स (Infrastructure Trusts) में भी लगा सकता है, ताकि पैसा हमेशा काम में रहे।
अनुभवी फंड मैनेजर्स, निवेशकों के साथ खड़े
इस फंड को CIO Rajeev Thakkar, Raunak Onkar और Raj Mehta जैसे अनुभवी फंड मैनेजर चला रहे हैं। ये फंड मैनेजमेंट टीम रिटेल निवेशकों (retail investors) के लक्ष्यों को पूरा करने पर सबसे ज़्यादा ध्यान देती है। फरवरी 2026 तक, फंड के अंदरूनी होल्डिंग्स (insider holdings) ₹5.95 बिलियन तक पहुंच गई थीं, जो इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वे कंपनियों के चयन के लिए फंडामेंटल, बॉटम-अप (fundamental, bottom-up) तरीके का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें कंपनियों की लंबी अवधि की संभावनाओं और इंट्रिन्सिक वैल्यू (intrinsic value) का आकलन किया जाता है।
लार्ज-कैप पर फोकस, वैल्यू प्राइसिंग से कमाई
फरवरी 2026 तक, फंड का AUM (Assets Under Management) ₹1.08 ट्रिलियन था, जिसमें से 76.47% स्टॉक्स (stocks) में निवेश किया गया था। पोर्टफोलियो में ज्यादातर लार्ज-कैप (large-cap) स्टॉक्स का दबदबा है ( 92.8% ), जो कि 17.6 के P/E (Price-to-Earnings) रेशियो पर ट्रेड कर रहे हैं। यह Nifty 50 के 21.1 के P/E रेशियो से काफी कम है। मुख्य सेक्टर्स में बैंकिंग ( 20.04% ) और टेक्नोलॉजी ( 15.45% ) शामिल हैं। HDFC Bank, Power Grid और Coal India जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियों के साथ-साथ कई बड़ी ग्लोबल कंपनियों के शेयर भी इसके टॉप होल्डिंग्स में हैं।
टॉप-क्लास रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न्स
फंड के अनुशासन का फायदा इसके प्रदर्शन के आंकड़ों में साफ दिखता है। 9.76 का स्टैंडर्ड डेविएशन (standard deviation) बताता है कि फंड की वोलेटिलिटी BSE 500 TRI ( 14.63 ) से काफी कम है। इसका Sortino रेशियो ( 1.41 ) और Sharpe रेशियो ( 1.08 ) दोनों ही बेंचमार्क से बेहतर हैं, जो सुपीरियर रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न्स (superior risk-adjusted returns) साबित करते हैं। दस साल की अवधि में, फंड ने 19.36% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दिया है, जिसने एक काल्पनिक ₹10,000 के निवेश को लगभग ₹91,954 में बदल दिया।