Parag Parikh Flexi Cap Fund ने अपनी कैश होल्डिंग को मार्च के **18.94%** से घटाकर सितंबर **2026** में **9.77%** कर दिया है। फंड हाउस अब इस पूंजी को DLF जैसी रियल एस्टेट कंपनियों और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स जैसे एनर्जी स्टॉक्स में निवेश कर रहा है।
पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव
Parag Parikh Flexi Cap Fund ने अपनी निवेश रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए कैश और कैश-इक्विवेलेंट होल्डिंग्स को काफी कम कर दिया है। मार्च 2026 में फंड के पास 18.94% कैश रिजर्व था, जो सितंबर 2026 तक घटकर केवल 9.77% रह गया है। यह साफ संकेत है कि फंड मैनेजमेंट अब सुरक्षित मोड से निकलकर सक्रिय रूप से इक्विटी बाजार में पैसा लगाने के मूड में है।
नई खरीदारी और सेक्टर फोकस
फंड ने रियल एस्टेट दिग्गज DLF में नई हिस्सेदारी खरीदी है, जो अब फंड के कुल एसेट्स का 1.81% है। इसके अलावा, एनर्जी सेक्टर में Petronet LNG, Indraprastha Gas (IGL) और Mahanagar Gas (MGL) जैसे स्टॉक्स शामिल किए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि फंड ने REITs में भी 6.27% का एलोकेशन बरकरार रखा है, जिससे वे कमर्शियल प्रॉपर्टी मार्केट से भी कमाई कर रहे हैं।
इनफ्लो में गिरावट का असर
यह पैसा ऐसे समय में बाजार में लगाया जा रहा है जब फंड में आने वाले निवेश (Inflows) की रफ्तार धीमी हुई है। मार्च में जहां करीब ₹3,950 करोड़ का इनफ्लो आया था, वहीं सितंबर में यह आंकड़ा गिरकर लगभग ₹900 करोड़ रह गया है। फंड मैनेजर राज मेहता का कहना है कि इनफ्लो घटने के बावजूद उनकी लॉन्ग-टर्म फिलॉसफी नहीं बदली है और वे बाजार के उतार-चढ़ाव के बजाय सही वैल्यूएशन वाले मौकों पर ध्यान दे रहे हैं।
निवेशकों के लिए रिस्क प्रोफाइल
कैश होल्डिंग कम होने का सीधा मतलब है कि फंड का 'सेफ्टी नेट' पहले से छोटा हो गया है। रियल एस्टेट और एनर्जी जैसे साइक्लिकल सेक्टर सरकारी नीतियों और ग्लोबल कमोडिटी कीमतों के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं। आने वाली तिमाहियों में इन नए दांवों का प्रदर्शन ही यह तय करेगा कि निवेशकों को इसका कितना फायदा मिलता है, क्योंकि अब फंड का परफॉर्मेंस सीधे तौर पर इन सेक्टरों के ग्रोथ पर निर्भर करेगा।
