Nippon India Multi-Asset Omni FoF ने पिछले एक साल में **9.3%** का दमदार कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया है। इसने अपने बेंचमार्क और कैटेगरी के दूसरे फंड्स को पीछे छोड़ते हुए टॉप पर अपनी जगह बनाई है।
Detailed Coverage
Nippon India Fund की सफलता की कहानी
Nippon India Fund ने अपने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में 9.3% का CAGR हासिल करके इस फंड ने न सिर्फ अपने बेंचमार्क को पीछे छोड़ा है, बल्कि इस अवधि में बेंचमार्क का रिटर्न शून्य रहा। 27 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक, तीन साल के होराइजन पर भी इस फंड ने 16.5% सालाना रिटर्न दिया है, जबकि बेंचमार्क वहीं सपाट रहा।
कॉम्पिटिटर्स को दी मात
हाइब्रिड फंड-ऑफ-फंड्स (FoF) की रेस में, खासकर उन फंड्स में जिनका एसेट ₹1,500 करोड़ से ज्यादा है, Nippon India Fund ने अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। एक साल के रिटर्न की बात करें तो इसने Kotak Multi Asset Omni FoF को 9.0% और HDFC Multi-Asset Active FoF को 6.4% रिटर्न पर पीछे छोड़ा। हालांकि, एसेट के मामले में HDFC Multi-Asset Active FoF सबसे आगे है, जिसका कुल कॉर्पस करीब ₹5,938.4 करोड़ है।
छोटे समय में क्यों बदलता है लीडर?
यह समझना जरूरी है कि फंड्स की रैंकिंग अक्सर छोटे समय के फ्रेम में बदलती रहती है। इसका कारण मार्केट की बदलती चाल और एसेट एलोकेशन में होने वाले बदलाव हैं। जहां Nippon India Fund एक साल और तीन साल के लिए टॉप पर है, वहीं एक महीने के समय में HDFC Multi-Asset Active FoF 1.1% रिटर्न के साथ आगे था। तीन महीने की अवधि में ICICI Prudential Income plus Arbitrage Omni FoF ने 2.0% के साथ सबसे ज्यादा फायदा दिया।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
हाइब्रिड फंड-ऑफ-फंड्स आमतौर पर इक्विटी, डेट और गोल्ड जैसे अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करते हैं। ये फंड्स अपने रिस्क प्रोफाइल और एसेट एलोकेशन स्ट्रेटेजी के आधार पर अलग होते हैं। इसलिए, पिछले एक या तीन साल का प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता। निवेशकों को अपने फाइनेंशियल गोल्स और रिस्क लेने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए, न कि सिर्फ हाल के रिटर्न के आधार पर फैसले लेने चाहिए। फंड मैनेजर्स का मार्केट साइकल्स को भुनाने के लिए एसेट एलोकेशन को एडजस्ट करने की क्षमता पर नजर रखना महत्वपूर्ण है।
