Nippon India Multi-Asset Omni FoF का शानदार प्रदर्शन: हाइब्रिड फंड्स में **8%** रिटर्न के साथ टॉप पर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Nippon India Multi-Asset Omni FoF का शानदार प्रदर्शन: हाइब्रिड फंड्स में **8%** रिटर्न के साथ टॉप पर

Nippon India Multi-Asset Omni FoF ने **8%** का एक साल का रिटर्न देकर हाइब्रिड फंड-ऑफ-फंड्स कैटेगरी में टॉप पोजिशन हासिल की है। इसने अपने बेंचमार्क को पीछे छोड़ दिया है, हालांकि निवेशकों को ऐसे फंड्स की खास कॉस्ट स्ट्रक्चर और स्ट्रैटेजी को समझना जरूरी है।

क्या हुआ?

Nippon India Multi-Asset Omni FoF ने हाइब्रिड फंड-ऑफ-फंड्स में सबसे ज़्यादा रिटर्न दिया है। 29 जून 2026 को खत्म हुए एक साल की अवधि में फंड ने 8.0% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया। फंड का प्रदर्शन इसके बेंचमार्क से काफी बेहतर रहा, जिसने इसी अवधि में 0.0% का फ्लैट रिटर्न दिया। ACE MF के आंकड़ों के मुताबिक, यह डेटा उन फंड्स पर केंद्रित है जिनकी एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) कम से कम ₹1,500 करोड़ है। इसी कैटेगरी में, Kotak Multi Asset Omni FOF और ICICI Pru Income plus Arbitrage Omni FOF जैसे फंड्स ने क्रमशः 7.9% और 6.4% का एक साल का रिटर्न दिया।

प्रदर्शन का संदर्भ

हालांकि 8.0% का रिटर्न एक साल की अवधि के लिए फंड को कैटेगरी में टॉप पर रखता है, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अलग-अलग समय-सीमाओं में फंड का प्रदर्शन अस्थिर हो सकता है। उदाहरण के लिए, जबकि Nippon India ने तीन साल और तीन महीने की अवधि में अपनी बढ़त बनाए रखी, वहीं अल्पावधि के आंकड़ों से पता चलता है कि Bandhan Income Plus Arbitrage Active FOF जैसे अन्य फंड्स ने कभी-कभी मासिक रिटर्न में बढ़त हासिल की है। 0.0% का बेंचमार्क रिटर्न बताता है कि फंड की तुलना के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला विशिष्ट इंडेक्स इस अवधि के दौरान स्थिर रहा हो सकता है। निवेशकों को फंड के एब्सोल्यूट रिटर्न की तुलना न केवल बेंचमार्क से, बल्कि अन्य कंजरवेटिव या बैलेंस्ड इन्वेस्टमेंट ऑप्शन्स के रिटर्न से भी करनी चाहिए।

'फंड ऑफ फंड्स' की कॉस्ट की असलियत

फंड ऑफ फंड्स (FoF) सामान्य इक्विटी या डेट म्यूचुअल फंड से अलग तरीके से काम करते हैं। सीधे स्टॉक या बॉन्ड में निवेश करने के बजाय, एक FoF दूसरे म्यूचुअल फंड स्कीम्स में निवेश करता है। इस स्ट्रक्चर का मतलब अक्सर यह होता है कि निवेशकों को अतिरिक्त लागत का भुगतान करना पड़ता है: FoF जिन अंडरलाइंग फंड्स में निवेश करता है, उनके एक्सपेंस रेशियो के साथ-साथ FoF का अपना एक्सपेंस रेशियो भी। निवेश करने से पहले, कुल एक्सपेंस रेशियो की जांच करना महत्वपूर्ण है। उच्च लागत अंतिम रिटर्न को कम कर सकती है, जिसका मतलब है कि निवेशक को मिलने वाला नेट रिटर्न हेडलाइन प्रदर्शन के आंकड़ों से कम हो सकता है।

पीयर परफॉर्मेंस की तुलना

इन फंड्स के संचालन में साइज और स्ट्रैटेजी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ICICI Pru Income plus Arbitrage Omni FOF वर्तमान में इस ग्रुप में सबसे बड़ा कॉर्पस मैनेज कर रहा है, जो ₹2,946.3 करोड़ है, जबकि Nippon India Multi-Asset Omni FoF ₹2,692.8 करोड़ मैनेज कर रहा है। चूंकि ये फंड्स अलग-अलग अंडरलाइंग स्ट्रैटेजी का उपयोग करते हैं - जैसे कि गोल्ड, डेट और इक्विटी को अलग-अलग अनुपात में मिलाना - उनकी हमेशा सीधे तौर पर तुलना नहीं की जा सकती है। डेट में अधिक एलोकेशन वाला फंड, इक्विटी एलोकेशन वाले फंड की तुलना में बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान अलग तरह से व्यवहार करेगा।

निवेशकों को क्या ट्रैक करना चाहिए?

इस तरह के फंड का मूल्यांकन करते समय, केवल पिछले एक साल के रिटर्न से आगे देखें। फंड की 'एसेट एलोकेशन स्ट्रैटेजी' को ट्रैक करें ताकि यह समझ सकें कि आपके पैसे का कितना हिस्सा इक्विटी, डेट और अन्य संपत्तियों के बीच मूव किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, 'टोटल एक्सपेंस रेशियो' की जांच करें ताकि पता चल सके कि आपके निवेश का कितना हिस्सा फीस में जा रहा है। अंत में, शॉर्ट-टर्म परफॉर्मेंस पर निर्भर रहने के बजाय 3-5 साल की अवधि में रिटर्न की कंसिस्टेंसी की पुष्टि करें, क्योंकि मार्केट साइकल लीडरबोर्ड को काफी बदल सकते हैं।

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