Nippon India Multi-Asset Omni Fund-of-Funds ने पिछले एक साल में **8.5%** का ज़बरदस्त रिटर्न दिया है। इसने अपने बेंचमार्क और हाइब्रिड कैटेगरी के दूसरे फंड्स को पीछे छोड़ दिया है। **₹1,500 करोड़** से ज़्यादा की संपत्ति वाले इस फंड ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, हालांकि निवेशकों को शॉर्ट-टर्म वोलेटिलिटी को अपने लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों के साथ तौलना चाहिए।
Detailed Coverage
हाइब्रिड फंड्स में टॉप परफॉर्मर
Nippon India Multi-Asset Omni Fund-of-Funds, हाइब्रिड फंड-ऑफ-फंड्स कैटेगरी में पिछले एक साल (जुलाई 2026 तक) के लिए सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला फंड बनकर उभरा है। डेटा के अनुसार, इस फंड ने 8.5% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल किया है, जो इसके बेंचमार्क इंडेक्स के 0.0% रिटर्न से काफी बेहतर है। यह अंतर फंड के एक्टिव मैनेजमेंट के नतीजों और बेंचमार्क के प्रदर्शन के बीच एक बड़ी खाई को दर्शाता है।
पीयर परफॉर्मेंस और फंड का आकार
₹1,500 करोड़ से ज़्यादा का कॉर्पस रखने वाले फंड्स की बात करें तो, कैटेगरी के दूसरे बड़े फंड्स के नतीजे मिले-जुले रहे। Kotak Multi Asset Omni FOF ने 8.4% के एक साल के रिटर्न के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि HDFC Multi-Asset Active FOF ने 6.4% का रिटर्न दिया। सबसे खास बात यह है कि टॉप पांच क्वालीफाइंग स्कीम्स में Kotak Income Plus Arbitrage Omni FOF सबसे बड़ा कॉर्पस, यानी ₹7,729.7 करोड़ मैनेज कर रहा है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि एक ही हाइब्रिड कैटेगरी के अंदर अलग-अलग फंड्स रिटर्न हासिल करने के लिए अपनी एसेट एलोकेशन को कैसे मैनेज करते हैं।
लंबी अवधि में कंसिस्टेंसी
फंड का प्रदर्शन तीन साल की अवधि में भी कंसिस्टेंट रहा, जहाँ इसने 16.8% का रिटर्न दिया। इसी तीन साल की अवधि में, बेंचमार्क इंडेक्स फिर से 0.0% रिटर्न पर रहा, जिससे प्रदर्शन का अंतर और भी बढ़ गया। इस तरह की लॉन्ग-टर्म कंसिस्टेंसी अक्सर उन निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर होती है जो शॉर्ट-टर्म उछाल के बजाय स्थिरता को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, छोटी अवधि में परफॉर्मेंस में काफी उतार-चढ़ाव आ सकता है।
अलग-अलग टाइमफ्रेम में भिन्न रिटर्न
हालांकि Nippon India फंड सालाना और तीन साल के मेट्रिक्स में सबसे आगे है, लेकिन छोटी अवधि में तस्वीर बदल जाती है। उदाहरण के लिए, HDFC Multi-Asset Active FOF ने हाल के एक महीने की अवधि में 1.3% का रिटर्न हासिल किया, जो उस स्पेसिफिक टाइमफ्रेम में सबसे ज़्यादा था। इसी तरह, ICICI Pru Income plus Arbitrage Omni FOF ने तीन महीने की परफॉर्मेंस रैंकिंग में 1.8% रिटर्न के साथ बढ़त हासिल की।
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ये फंड्स फंड-ऑफ-फंड्स के तौर पर काम करते हैं, यानी ये सीधे स्टॉक्स या बॉन्ड्स में निवेश करने के बजाय दूसरे म्यूचुअल फंड स्कीम्स में निवेश करते हैं। इस स्ट्रक्चर से डाइवर्सिफिकेशन का एक और लेयर जुड़ जाता है, लेकिन इसमें अपना कॉस्ट और मैनेजमेंट स्ट्रैटेजी भी शामिल है। एक महीने, तीन महीने और एक साल की अवधि में रिटर्न का अंतर दिखाता है कि कोई भी एक फंड सभी अवधियों में हावी नहीं है। इन स्कीम्स का मूल्यांकन करते समय, केवल एक साल के रिटर्न से आगे बढ़कर फंड के अंडरलाइंग एसेट मिक्स, उसके होल्डिंग्स से जुड़े जोखिम और पूरे मार्केट साइकल में मैनेजमेंट टीम की कंसिस्टेंसी पर विचार करना महत्वपूर्ण है।
