Nippon India Multi-Asset Omni Fund-of-Funds (FoF) ने पिछले 3 सालों में **16.6%** का शानदार कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया है। यह प्रदर्शन Kotak और ICICI Prudential जैसे बड़े फंड्स को पीछे छोड़ता है। हालांकि, फंड ने लंबी अवधि में दमदार ग्रोथ दिखाई है, पर यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि छोटी अवधि में प्रदर्शन अलग-अलग हो सकता है।
Detailed Coverage
Nippon India Multi-Asset Omni Fund-of-Funds (FoF) हाइब्रिड कैटेगरी में एक टॉप परफॉर्मर बनकर उभरा है। 22 जुलाई 2026 तक, इस फंड ने 16.6% का तीन साल का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल किया है। यह प्रदर्शन अन्य प्रमुख हाइब्रिड फंड्स के मुकाबले काफी बेहतर है। इसी अवधि में, Kotak Multi Asset Omni FoF ने 14.7% और ICICI Prudential Aggressive Hybrid Active FoF ने 13.4% का रिटर्न दिया है।
बेंचमार्क को दी मात
निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत की बात यह है कि इस फंड ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को बड़े अंतर से पछाड़ा है। तीन साल की अवधि में, फंड ने 16.6% का रिटर्न दिया, जबकि बेंचमार्क में कोई ग्रोथ नहीं देखी गई। यह अंतर बताता है कि फंड की मल्टी-एसेट में निवेश करने की रणनीति ने बाजार के उतार-चढ़ाव को उसके निर्धारित बेंचमार्क की तुलना में प्रभावी ढंग से संभाला है। इसी तरह, एक साल की अवधि में भी, फंड ने 8.0% का रिटर्न अर्जित किया, जबकि बेंचमार्क की परफॉरमेंस सपाट रही।
छोटी अवधि की अस्थिरता को समझना
हालांकि लंबी अवधि के आंकड़े उत्साहजनक हैं, छोटी अवधि में लीडरशिप बदल सकती है। उदाहरण के लिए, हाल के एक महीने और तीन महीने की अवधि में, ICICI Prudential Aggressive Hybrid Active FoF ने क्रमशः 0.7% और 1.6% का रिटर्न दर्ज किया, जो अन्य प्रतिस्पर्धियों से आगे था। यह बदलाव दर्शाता है कि फंड का प्रदर्शन अक्सर मौजूदा एसेट एलोकेशन स्ट्रैटेजी और छोटी अवधि के बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होता है, न कि केवल लंबी अवधि के इतिहास से।
फंड का साइज और रणनीति का मूल्यांकन
निवेशकों को इन फंड्स के साइज पर भी ध्यान देना चाहिए ताकि उनकी लिक्विडिटी और मैनेजमेंट का दायरा समझा जा सके। ₹1,500 करोड़ से अधिक के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) वाले बड़े हाइब्रिड FoFs में, ICICI Prudential Dynamic Asset Allocation Active FoF ₹28,518 करोड़ के बड़े कॉर्पस के साथ लीड कर रहा है। इन स्कीम्स के बीच चयन करते समय, निवेशक यह देख सकते हैं कि विभिन्न फंड जोखिम और रिटर्न को कैसे संतुलित करते हैं। चूंकि फंड-ऑफ-फंड्स अन्य अंडरलाइंग म्यूचुअल फंड स्कीम्स में निवेश करते हैं, इसलिए अंतिम रिटर्न अंडरलाइंग पोर्टफोलियो के प्रदर्शन और फंड मैनेजर की एसेट्स को कुशलतापूर्वक रीबैलेंस करने की क्षमता पर बहुत अधिक निर्भर करता है। निवेशकों को केवल तीन साल के स्नैपशॉट पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न बाजार चक्रों में इन रिटर्न की निरंतरता की निगरानी करते रहना चाहिए, क्योंकि पिछला प्रदर्शन भविष्य के परिणामों की गारंटी नहीं देता है।
