Nippon India vs Mirae Asset: फंड मैनेजर्स की अलग-अलग चाल, 54 शेयर खरीदे या 28? जानें आपकी रणनीति क्या हो!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Nippon India vs Mirae Asset: फंड मैनेजर्स की अलग-अलग चाल, 54 शेयर खरीदे या 28? जानें आपकी रणनीति क्या हो!
Overview

मार्च 2026 में, Nippon India Mutual Fund और Mirae Asset Mutual Fund ने शेयर (Equities) खरीदने में अलग-अलग रास्ते अपनाए। जहां Mirae Asset ने अपने पोर्टफोलियो को **54** नए स्टॉक्स में डायवर्सिफाई (Diversify) किया, वहीं Nippon India ने सिर्फ **28** हाई-कन्विक्शन (High-conviction) पिक्स पर ध्यान केंद्रित किया।

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फंड मैनेजर्स ने चुने अलग-अलग रास्ते

मार्च 2026 में, बाजार भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों के पैसे निकालने जैसी चिंताओं से जूझ रहा था। ऐसे माहौल में Nippon India Mutual Fund और Mirae Asset Mutual Fund ने अपने पोर्टफोलियो बनाने के लिए बिल्कुल विपरीत रणनीतियां अपनाईं। Mirae Asset ने 54 नए स्टॉक्स जोड़कर अपने निवेश को फैलाया, जबकि Nippon India ने केवल 28 शेयरों पर ही अपना दांव लगाया, जो उनके मजबूत विश्वास को दर्शाता है। ये अलग-अलग तरीके फंड मैनेजर्स के जोखिम लेने की क्षमता और बाजार को लेकर उनकी उम्मीदों को बताते हैं।

क्या रहा दोनों में कॉमन?

अपनी अलग-अलग रणनीतियों के बावजूद, दोनों फंड हाउस कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी (Consumer discretionary) और फाइनेंशियल सर्विसेज (Financial services) सेक्टर में निवेश करने पर सहमत दिखे। यह इस बात का संकेत है कि दोनों ही घरेलू मांग में मजबूती और वित्तीय कंपनियों की अहमियत को देख रहे हैं। दोनों ने मिड-कैप स्टॉक्स में भी दिलचस्पी दिखाई। Nippon India ने PhysicsWallah और Swiggy जैसे मिड-कैप्स में बड़ी हिस्सेदारी ली, वहीं Mirae Asset ने Schaeffler India जैसे कई मिड-कैप्स में अपना निवेश फैलाया। हालांकि, इस दौरान BSE MIDCAP 150 इंडेक्स में गिरावट देखी गई।

बाजार के हालात और वैल्यूएशन

मार्च 2026 का बाजार सतर्क था। एनालिस्ट्स का मानना ​​था कि कंपनियों के प्रॉफिट तो ठीक थे, लेकिन IT मांग में कमी और ग्लोबल इकोनॉमी के संकेत चिंता का विषय थे। अप्रैल 2026 तक Nifty 50 इंडेक्स का P/E रेश्यो लगभग 20.8 था। फंड्स द्वारा चुने गए स्टॉक्स के वैल्यूएशन में काफी अंतर था। कंज्यूमर कंपनी Varun Beverages का P/E करीब 53.59 था, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की Adani Ports का P/E लगभग 29.57 था। IndusInd Bank जैसे फाइनेंशियल फर्म का P/E (हालिया डेटा) करीब -32.68 था, जो कमाई के मुद्दों की ओर इशारा कर रहा था। Yes Bank का P/E लगभग 17.73 और IT दिग्गज Infosys का 15.4 से 18.27 के बीच था।

प्रमुख चिंताएं और जोखिम

मार्च 2026 एक बेहद अस्थिर महीना रहा, जिसमें बड़ी गिरावट, तेल की कीमतों में उछाल, भू-राजनीतिक चिंताएं और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी देखने को मिली। PSU बैंक सेक्टर 20% तक गिर गया। इसी तरह, रियलटी, बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी 15% से अधिक गिरे। IndusInd Bank जैसी कंपनियों के लिए कम इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो, कमजोर सेल्स ग्रोथ और खराब रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) जैसी चिंताएं बनी रहीं। Voltas का 3 साल का ROE सिर्फ 7.67% रहा, जिस पर एनालिस्ट्स की नजर है।

आगे की राह सतर्क

मार्च 2026 के अंत और अप्रैल 2026 की शुरुआत में भारतीय बाजार का आउटलुक सतर्क बना हुआ था, जिसका मुख्य कारण तेल की ऊंची कीमतें और लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं थीं। भले ही डोमेस्टिक डिमांड और फाइनेंशियल सेक्टर निवेशकों के लिए आकर्षक बने हुए हैं, लेकिन बाजार की चौड़ाई को देखते हुए सावधानी से स्टॉक चुनने की जरूरत है। एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि रिकवरी कमजोर रह सकती है और यह भू-राजनीतिक स्थिति के स्पष्ट होने पर निर्भर करेगी। दोनों म्यूचुअल फंड की अलग-अलग निवेश रणनीतियां दिखाती हैं कि वे विभिन्न बाजार परिस्थितियों के लिए तैयार हो रहे हैं, विकास के अवसरों और मौजूदा जोखिमों के बीच संतुलन बना रहे हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.