Nippon India ETF Nifty IT ने पिछले तीन महीनों में **11.8%** का शानदार रिटर्न दिया है, जिससे यह बड़े इंडेक्स ETFs में टॉप परफॉर्मर बन गया है। वहीं, PSU बैंक पर फोकस करने वाले ETFs ने लंबी अवधि में **24%** तक का दमदार रिटर्न दिखाया है।
IT ETF की तूफानी चाल, 11.8% का बंपर रिटर्न!
Nippon India ETF Nifty IT ने 17 अगस्त, 2026 को समाप्त हुए तीन महीनों में 11.8% का रिटर्न दर्ज किया है। ₹1,500 करोड़ से ज़्यादा की एसेट अंडर मैनेजमेंट वाले इंडेक्स-आधारित एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में इसने टॉप पर अपनी जगह बनाई है। इस उछाल ने IT सेक्टर पर आधारित फंड्स के लिए नए सिरे से तेजी का संकेत दिया है।
लंबी अवधि के लिए क्या है तस्वीर?
हालांकि, IT ETF का यह शॉर्ट-टर्म परफॉरमेंस काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन निवेशकों के लिए लंबी अवधि के नतीजों को देखना भी उतना ही ज़रूरी है। तीन महीने की अवधि से आगे बढ़ने पर एक अलग तस्वीर नज़र आती है। उदाहरण के लिए, Nippon India ETF Nifty PSU Bank BeES, जिसकी एसेट बेस जुलाई 2026 तक लगभग ₹4,079 करोड़ थी, ने एक साल और तीन साल की अवधि में 24.0% का मजबूत रिटर्न दिया है। यह परफॉरमेंस गैप बताता है कि लंबी अवधि की प्लानिंग के लिए फंड की कंसिस्टेंसी का मूल्यांकन करना क्यों ज़रूरी है।
बेंचमार्क से पिछड़ रहा IT ETF?
निवेशकों को यह भी ध्यान देना चाहिए कि ये फंड्स अपने अंडरलाइंग बेंचमार्क इंडेक्स को कितनी बारीकी से फॉलो करते हैं। Nippon India ETF Nifty IT पिछले एक साल में अपने बेंचमार्क इंडेक्स से 9.5% और पिछले तीन सालों में 7.5% पीछे रहा है। इस अंतर को 'ट्रैकिंग एरर' (Tracking Error) कहा जाता है। जब कोई ETF अपने ट्रैक किए जाने वाले इंडेक्स के हिसाब से नहीं चलता है, तो निवेशकों को उम्मीद और असल रिटर्न के बीच अंतर देखने को मिल सकता है।
सेक्टर-स्पेसिफिक ETFs में छिपे हैं रिस्क
Nippon India ETF Nifty IT और Nippon India ETF Nifty PSU Bank BeES जैसे सेक्टर-स्पेसिफिक ETFs में कुछ खास तरह के रिस्क होते हैं। चूंकि ये किसी एक इंडस्ट्री, जैसे IT या PSU बैंकों पर केंद्रित होते हैं, इसलिए ये डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो की सुरक्षा प्रदान नहीं करते, जिसमें विभिन्न बिजनेस सेक्टर्स में निवेश किया जाता है। यदि IT सेक्टर को किसी भी तरह की मंदी का सामना करना पड़ता है, जैसे कि ग्लोबल खर्चों में कटौती या मार्जिन पर दबाव, तो IT-फोक्स्ड ETF सीधे तौर पर प्रभावित होगा। इसी तरह, PSU बैंक फंड सरकारी नीतियों, ब्याज दरों के चक्र और क्रेडिट ग्रोथ के रुझानों के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं।
निवेश से पहले इन बातों पर करें गौर
इन इंस्ट्रूमेंट्स का मूल्यांकन करते समय, निवेशकों को हाल के रिटर्न से परे अन्य महत्वपूर्ण बातों पर भी ध्यान देना चाहिए। एक्सपेंस रेश्यो (Expense Ratio) जैसे मुख्य मेट्रिक्स को ट्रैक करना ज़रूरी है, क्योंकि यह नेट रिटर्न को प्रभावित करता है। साथ ही, ट्रैकिंग एरर की कंसिस्टेंसी पर भी नज़र रखनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि सेक्टरल ETF अपने बेंचमार्क को प्रभावी ढंग से मिरर करता है या नहीं, तभी यह तय किया जा सकता है कि यह आपके बड़े इन्वेस्टमेंट प्लान में फिट बैठता है या नहीं।
