Nippon India Hybrid Fund का जलवा! 3 साल में सबसे ज़्यादा रिटर्न, निवेशकों को मिला तगड़ा फायदा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nippon India Hybrid Fund का जलवा! 3 साल में सबसे ज़्यादा रिटर्न, निवेशकों को मिला तगड़ा फायदा

Nippon India Multi-Asset Omni FoF ने हाइब्रिड फंड-ऑफ-फंड्स (FoF) कैटेगरी में धूम मचा दी है। **₹1,500 करोड़** से ज़्यादा AUM वाले फंड्स में, इसने 3 साल में **17.3%** का शानदार CAGR दर्ज कर टॉप पोजीशन हासिल की है। Kotak और ICICI Prudential के फंड्स भी पीछे-पीछे हैं।

Nippon India फंड की शानदार परफॉरमेंस

Nippon India Multi-Asset Omni FoF ने हाइब्रिड फंड-ऑफ-फंड्स (FoF) कैटेगरी में दमदार वापसी की है। ₹1,500 करोड़ से अधिक की एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) वाले फंड्स में, इस फंड ने अगस्त 2026 के मध्य तक 17.3% का तीन साल का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल किया है। इस प्रदर्शन के साथ, इसने Kotak Multi Asset Omni FOF, जिसने 16.0% का रिटर्न दिया, और ICICI Prudential Aggressive Hybrid Active FOF, जिसने इसी अवधि में 14.3% का रिटर्न दिया, को पीछे छोड़ दिया है।

बाज़ार में गिरावट के बीच प्रदर्शन का अंतर

यह परफॉरमेंस ऐसे समय में आई है जब बाज़ार में करेक्शन देखने को मिल रहा है। 17 अगस्त 2026 को Nifty 50 लगभग 24,338 पर ट्रेड कर रहा था, जो जनवरी 2026 के अपने उच्चतम स्तर से करीब 15% नीचे है। हाइब्रिड और मल्टी-एसेट फंड्स को अलग-अलग एसेट क्लास, जैसे इक्विटी, डेट और कमोडिटी में निवेश फैलाकर जोखिम को मैनेज करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हालांकि, ये फंड्स भी व्यापक बाज़ार के रुझानों से अछूते नहीं हैं और इनके प्रदर्शन में मापे गए समय-सीमा के आधार पर काफी उतार-चढ़ाव आ सकता है।

शॉर्ट-टर्म परफॉरमेंस में बदलाव

निवेशक अक्सर किसी फंड की स्थिरता का अंदाज़ा लगाने के लिए अलग-अलग रिटर्न अवधियों पर नज़र रखते हैं। जहां Nippon India ने तीन साल के लिए टॉप पोजीशन हासिल की है, वहीं छोटी अवधि के डेटा में स्थिति थोड़ी अलग है। एक महीने के प्रदर्शन में Kotak Multi Asset Omni FOF 3.7% रिटर्न के साथ सबसे आगे रहा। वहीं, तीन महीने की अवधि में ICICI Prudential Aggressive Hybrid Active FOF 5.8% रिटर्न के साथ अग्रणी था।

निवेशकों के लिए खास बातें

इन फंड्स के नेतृत्व में लगातार बदलाव – लंबी अवधि में Nippon India और छोटी अवधि में Kotak और ICICI Prudential – यह दिखाता है कि सिर्फ एक अवधि के रिटर्न से आगे देखना कितना ज़रूरी है। इन फंड्स का मुख्य उद्देश्य डायवर्सिफिकेशन के ज़रिए बाज़ार की अस्थिरता से बचाव करके इक्विटी फंड्स की तुलना में ज़्यादा स्मूथ राइड देना होता है। हालांकि, यह संरचना बाज़ार में गिरावट से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देती है।

इन स्कीम्स का मूल्यांकन करते समय, निवेशक फंड की एसेट एलोकेशन रणनीति, डेट और इक्विटी के बीच उसके मिश्रण को कैसे एडजस्ट करता है, और पिछले बाज़ार में गिरावट के दौरान उसने जोखिम को कैसे मैनेज किया है, इन बातों पर ध्यान दे सकते हैं। परफॉरमेंस रैंकिंग तेज़ी से बदल सकती है, इसलिए निवेश निर्णय लेने से पहले कई मार्केट साइकिल्स में फंड की कंसिस्टेंसी को ट्रैक करना और उसके विशिष्ट मैंडेट को समझना महत्वपूर्ण कदम हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.