Nasdaq में आई भारी गिरावट का असर भारतीय म्यूचुअल फंड्स पर पड़ रहा है। AI कंपनियों के भारी-भरकम खर्च और मुनाफे को लेकर निवेशकों के बीच बनी अनिश्चितता के कारण टेक-फोकस्ड फंड्स में **11%** तक की गिरावट दर्ज की गई है।
भारतीय निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय मार्केट, खासकर अमेरिकी टेक शेयरों में निवेश करना पिछले कुछ समय से सिरदर्द बना हुआ है। 2 नवंबर, 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, Nasdaq Composite से जुड़ी इंटरनेशनल इक्विटी स्कीम्स में भारी बिकवाली देखी गई है। अक्टूबर महीने में ही अमेरिकी टेक इंडेक्स करीब 5.3% टूटा है, जिसमें केवल 30 अक्टूबर को 2.86% की बड़ी गिरावट शामिल थी।\n\n### बिकवाली की असली वजह क्या है?\nइस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बदलती धारणा है। Amazon और Intel जैसी बड़ी दिग्गज कंपनियों ने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर और चिप्स पर अरबों डॉलर खर्च किए हैं, लेकिन हालिया नतीजों ने निवेशकों के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ये निवेश निकट भविष्य में मुनाफा दे पाएंगे। रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) पर उठते सवालों ने पूरे टेक-हैवी पोर्टफोलियो को हिला कर रख दिया है।\n\n### फंड्स पर असर और रिस्क\nMotilal Oswal Nasdaq 100 FoF और Edelweiss US Technology Equity FoF जैसे फंड्स पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है, जहां NAV में 11% तक की कमी आई है। हालांकि, Edelweiss US Value Equity Offshore Fund जैसे डायवर्सिफाइड फंड्स ने थोड़ी मजबूती दिखाई है।\n\nनिवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इन फंड्स में निवेश के साथ 'कॉन्सेंट्रेशन रिस्क', रेगुलेटरी सीमाएं (जैसे RBI के निवेश नियम) और करेंसी रिस्क भी जुड़े होते हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी आपके रिटर्न पर सीधा असर डालती है। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता है, लेकिन जानकारों का मानना है कि लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। अब नजर इस बात पर है कि क्या अमेरिकी कंपनियां आने वाली तिमाहियों में अपने AI प्रोजेक्ट्स से असली मुनाफा कमाकर दिखा पाती हैं या नहीं।
