NPS Equity Funds: बाजार की हलचल से डरे नहीं, जानें कैसे सुरक्षित रखें अपना रिटायरमेंट फंड

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AuthorAditya Rao|Published at:
NPS Equity Funds: बाजार की हलचल से डरे नहीं, जानें कैसे सुरक्षित रखें अपना रिटायरमेंट फंड

National Pension System (NPS) के इक्विटी स्कीम्स में पिछले एक साल में करीब **6%** की गिरावट आई है। हालांकि शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव से रिटर्न पर असर पड़ा है, लेकिन लंबी अवधि के लिए एक्सपर्ट्स एसेट एलोकेशन की सलाह दे रहे हैं।

बाजार का हाल और लॉन्ग-टर्म का नजरिया

1 अक्टूबर, 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, NPS के टियर-1 इक्विटी फंड्स में पिछले एक साल में औसतन 5.98% की गिरावट देखी गई है। हालांकि, रिटायरमेंट के लिए निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि बाजार के ये उतार-चढ़ाव शॉर्ट-टर्म का हिस्सा हैं। अगर हम पिछले 5 वर्षों का डेटा देखें, तो इन्हीं इक्विटी स्कीम्स ने औसतन 8.20% का रिटर्न दिया है, जो कंपाउंडिंग की ताकत को साबित करता है।

एसेट एलोकेशन का महत्व

वोलेटिलिटी को मैनेज करने का सबसे असरदार तरीका है 'एसेट एलोकेशन'। आपको अपना निवेश इक्विटी (Scheme E), कॉर्पोरेट डेट (Scheme C) और सरकारी सिक्योरिटीज (Scheme G) में सही अनुपात में बांटना चाहिए।

डेटा से पता चलता है कि जिन पोर्टफोलियो में 75% इक्विटी थी, उनमें एक साल में 3.17% की गिरावट आई। वहीं, कंजरवेटिव पोर्टफोलियो (सिर्फ 35% इक्विटी) में 0.19% का पॉजिटिव रिटर्न देखने को मिला। हालांकि, एग्रेसिव पोर्टफोलियो का 5 साल का औसत रिटर्न 7.54% है, जो कंजरवेटिव के 6.71% से बेहतर है।

PFRDA का नया फ्रेमवर्क

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने Multiple Scheme Framework (MSF) पेश किया है। इसके जरिए सब्सक्राइबर्स अब आसानी से फंड मैनेजर्स और एसेट क्लासेस के बीच स्विच कर सकते हैं, बिना किसी टैक्स चिंता के।

निवेश का मंत्र

निवेशकों को दो बड़े रिस्क से बचना चाहिए: पहला, एग्रेसिव पोर्टफोलियो में शॉर्ट-टर्म कैपिटल का कम होना और दूसरा, कंजरवेटिव पोर्टफोलियो में महंगाई की मार। अपनी उम्र और रिटायरमेंट के करीब आने के साथ समय-समय पर 'री-बैलेंसिंग' करना ही लंबी अवधि के लक्ष्यों को हासिल करने का सबसे सही तरीका है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.