त्योहारी सीजन में सोने की बढ़ती मांग को नियंत्रित करने के लिए करीब **20** एसेट मैनेजमेंट कंपनियों ने Gold Fund of Funds में नए निवेश पर रोक लगा दी है। अच्छी खबर यह है कि आपकी मौजूदा SIP चलती रहेगी और Gold ETFs में ट्रेडिंग सामान्य बनी रहेगी।
त्योहारी सीजन और शादियों का सीजन होने के कारण देश में सोने की मांग में भारी उछाल आया है। रुपये की कीमत को स्थिर रखने और करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) को मैनेज करने के लिए 15 और 16 अक्टूबर को जारी रेगुलेटरी गाइडलाइंस के बाद कई बड़े म्यूचुअल फंड हाउस, जैसे SBI Mutual Fund, HDFC Mutual Fund और ICICI Prudential ने Gold Fund of Funds में फ्रेश इनफ्लो को बंद कर दिया है।
क्या Gold ETFs भी बंद हैं?
स्पष्ट कर दें कि यह प्रतिबंध सिर्फ Gold Fund of Funds तक सीमित है। Gold ETFs पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। यदि आपके पास डीमैट अकाउंट है, तो आप National Stock Exchange (NSE) और Bombay Stock Exchange (BSE) पर पहले की तरह ही Gold ETFs की खरीद-बिक्री जारी रख सकते हैं। यह कदम सिर्फ उन निवेशकों को प्रभावित कर रहा है जो बिना डीमैट अकाउंट के म्यूचुअल फंड के जरिए सोना खरीद रहे थे।
निवेशकों के लिए अब क्या रास्ता है?
- मौजूदा निवेश: जिन लोगों की पहले से SIP चल रही है, उनकी SIP बंद नहीं होगी।
- नए विकल्प: जो निवेशक अभी गोल्ड में पैसा लगाना चाहते हैं, वे Gold ETFs का रुख कर सकते हैं। इसके अलावा, सेकेंडरी मार्केट में Sovereign Gold Bonds (SGBs) भी एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं, हालांकि इन पर 12.5% का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है।
फिलहाल यह एक अस्थायी कदम है, जिसे मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिति और रुपये की स्थिरता को ध्यान में रखकर लिया गया है। घबराने की जरूरत नहीं है, बस अपनी निवेश रणनीति को थोड़ा एडजस्ट करने की जरूरत है।
