छोटे शहरों के म्यूचुअल फंड एसेट्स में 5.2% का उछाल, मेट्रो शहरों से बेहतर प्रदर्शन

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
छोटे शहरों के म्यूचुअल फंड एसेट्स में 5.2% का उछाल, मेट्रो शहरों से बेहतर प्रदर्शन

भारत के छोटे शहरों, जिन्हें B-30 (टॉप 30 शहरों के बाहर) कहा जाता है, में म्यूचुअल फंड निवेश ने 2026 की पहली छमाही में **5.2%** की बढ़त दर्ज की है। यह टॉप मेट्रो शहरों में **4.5%** की ग्रोथ से थोड़ा बेहतर है। हालांकि, बाजार में आई अस्थिरता के कारण नए रिटेल खातों पर असर पड़ा है, जिससे इन दोनों सेगमेंट्स के बीच का अंतर पिछले सालों के मुकाबले कम हुआ है।

छोटे शहरों में एसेट्स का बढ़ता दबदबा

2026 के पहले छह महीनों में, भारत के छोटे शहरों (B-30) में व्यक्तिगत निवेशकों की संपत्ति बढ़कर ₹14.47 ट्रिलियन हो गई। इस सेगमेंट में 5.2% की ग्रोथ देखी गई, जो टॉप 30 शहरों (T-30) के 4.5% ग्रोथ (जिनकी कुल संपत्ति ₹37.8 ट्रिलियन है) से ज्यादा है।

यह सच है कि B-30 क्षेत्रों में विकास की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है। 2025 की तुलना में यह नरमी दिखी है, जब इस सेगमेंट में 25.7% की शानदार बढ़ोतरी हुई थी, जबकि मेट्रो शहरों में यह 15.9% थी।

इक्विटी की ओर झुकाव

ग्रोथ थोड़ी कम होने के बावजूद, B-30 मार्केट अब कुल व्यक्तिगत निवेशक संपत्ति का 27.7% हिस्सा रखता है। यह 2025 के अंत के 27.6% और 2022 के 25.2% से एक स्थिर बढ़त है। इसकी मुख्य वजह है अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों के परिवारों का पारंपरिक फिक्स्ड-इनकम साधनों से हटकर इक्विटी-आधारित म्यूचुअल फंड की ओर जाना। बेहतर डिजिटल पहुंच और फाइनेंशियल डिस्ट्रीब्यूटर्स के बड़े नेटवर्क ने इन निवेशकों के लिए निवेश के रास्ते आसान बनाए हैं।

अस्थिरता का SIP पर असर

इस साल की शुरुआत में बाजार में आई भारी उथल-पुथल ने रिटेल निवेशकों, खासकर जो अपना पोर्टफोलियो खुद मैनेज करते हैं, के लिए मुश्किलें खड़ी कीं। 2026 के पहले चार महीनों के आंकड़ों के अनुसार, B-30 शहरों में डायरेक्ट-प्लान SIP खातों की संख्या 350,000 से ज्यादा कम हो गई। यह गिरावट नए, खुद से निवेश करने वाले निवेशकों की छोटी अवधि के बाजार सुधारों के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करती है।

हालांकि कुल AUM (Assets Under Management) बढ़ता रहा, लेकिन एक्टिव SIP खातों में गिरावट यह दर्शाती है कि बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों की निवेश गतिविधि में अस्थायी ठहराव आ सकता है।

निवेशक भागीदारी और भविष्य का नजरिया

भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए, B-30 सेगमेंट एक महत्वपूर्ण फोकस क्षेत्र बना हुआ है। 2026 की शुरुआत में, B-30 निवेशकों की संख्या मेट्रो शहरों के निवेशकों से आगे निकल गई थी, जो एक बड़ी उपलब्धि थी। इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि इन क्षेत्रों में बचत का वित्तीयकरण (financialization) अभी शुरुआती दौर में है।

निवेशकों के लिए आगे सबसे महत्वपूर्ण बात इन SIP इनफ्लो की स्थिरता पर नजर रखना होगा। बाजार प्रदर्शन ऊपर-नीचे हो सकता है, लेकिन छोटे शहरों के निवेशकों की लंबी अवधि में वेल्थ बनाने के लिए SIP के प्रति प्रतिबद्धता इंडस्ट्री की पहुंच का मुख्य संकेतक बनी रहेगी। भविष्य में, नए SIP रजिस्ट्रेशन की दर और बाजार के तनावपूर्ण समय में मौजूदा खातों को बनाए रखने की क्षमता पर नज़र रखी जाएगी, जो यह तय करेगा कि B-30 ग्रोथ पिछले वर्षों की डबल-डिजिट विस्तार दर पर वापस आ सकती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.