अगर आप लंबे समय के लिए निवेश (Investment) की सोच रहे हैं, तो Multi-cap Funds आपके लिए Flexi-cap Funds से बेहतर साबित हुए हैं। पिछले 5 सालों में Multi-cap Funds ने औसतन **21%** का सालाना रिटर्न दिया है, जबकि Flexi-cap Funds का औसत रिटर्न **18%** रहा है।
क्यों Multi-cap Funds रहे आगे?
इस परफॉरमेंस के अंतर की मुख्य वजह है SEBI (Securities and Exchange Board of India) के नियम। Multi-cap Funds को अपने कुल एसेट्स (Assets) का कम से कम 25% लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्टॉक्स (Stocks) में लगाना अनिवार्य है। इस नियम के कारण, ये फंड्स छोटी और तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में निवेश बनाए रखते हैं, जो इकोनॉमी के अच्छे समय में ज्यादा फायदा देती हैं।
Flexi-cap Funds की फ्लेक्सिबिलिटी
वहीं, Flexi-cap Funds के फंड मैनेजर्स (Fund Managers) पूरी तरह से आजाद होते हैं कि वे बाजार के आउटलुक (Outlook) के हिसाब से अपना पैसा लार्ज, मिड या स्मॉल-कैप स्टॉक्स में कभी भी शिफ्ट कर सकते हैं। यह फ्लेक्सिबिलिटी (Flexibility) बाजार में उतार-चढ़ाव के समय बहुत काम आती है। उदाहरण के लिए, मार्च 2026 में भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) के कारण जब बाजार गिरा था, तब कई Flexi-cap Funds ने अपने पोर्टफोलियो को बड़ी और स्थिर कंपनियों की ओर मोड़ दिया था, जिससे उन्हें नुकसान कम हुआ। Multi-cap Funds के विपरीत, जिन्हें अपने पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा ज्यादा वोलेटाइल (Volatile) मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में रखना पड़ा।
सही फंड का चुनाव कैसे करें?
दोनों कैटेगरी में से सही फंड चुनने के लिए सिर्फ पिछले रिटर्न्स (Returns) को न देखें, बल्कि पोर्टफोलियो (Portfolio) के कंस्ट्रक्शन (Construction) पर ध्यान दें। Multi-cap Funds में भी फंड मैनेजर के पास 25% एसेट्स को कहीं भी लगाने की छूट होती है। ऐसे में, फंड मैनेजर की मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों को चुनने की काबिलियत बहुत मायने रखती है। निवेशक को यह देखना चाहिए कि फंड का पोर्टफोलियो लगातार ग्रोथ वाले बिजनेसेज (Businesses) पर आधारित है या सट्टेबाजी (Speculative) वाले हाई-रिस्क स्मॉल-कैप स्टॉक्स पर। लार्ज-कैप में, स्थापित मार्केट लीडर्स (Market Leaders) पर फोकस करना मिड और स्मॉल-कैप के रिस्क को बैलेंस करने का अच्छा तरीका हो सकता है। इन अंतरों को समझने से निवेशक यह तय कर पाता है कि उसे Multi-cap की कंसिस्टेंट ग्रोथ चाहिए या Flexi-cap की रिस्क मैनेजमेंट फ्लेक्सिबिलिटी।
