Motilal Oswal Nifty Microcap 250 Index Fund ने पिछले तीन महीनों में **8.1%** का दमदार रिटर्न दिया है, जो इसी तरह के स्मॉल-कैप इंडेक्स फंड्स को पीछे छोड़ता है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि लंबी अवधि में, जैसे कि एक या तीन साल में, अन्य इंडेक्स फंड्स ने बेहतर प्रदर्शन किया है।
Motilal Oswal फंड का दबदबा!
Motilal Oswal Nifty Microcap 250 Index Fund ने इंडेक्स फंड्स की रेस में बाजी मारी है। जुलाई 2026 तक खत्म हुई तीन महीने की अवधि में इस फंड ने 8.1% का रिटर्न कमाया है। यह प्रदर्शन SBI Nifty Smallcap 250 Index Fund और Nippon India Nifty Smallcap 250 Index Fund के 6.1% रिटर्न से काफी बेहतर है। ACE MF के आंकड़ों के मुताबिक, यह फंड अपने साथियों से आगे निकल गया है।
लंबी अवधि में कौन बेहतर?
छोटी अवधि में Motilal Oswal फंड भले ही आगे हो, लेकिन जब हम लंबी अवधि की बात करते हैं, तो तस्वीर बदल जाती है। उदाहरण के लिए, ICICI Pru NASDAQ 100 Index Fund ने एक साल और तीन साल की अवधि में क्रमशः 32.8% और 28.0% का शानदार रिटर्न देकर अपनी बढ़त बनाए रखी है। यह दिखाता है कि माइक्रो-कैप फंड्स, जो बहुत छोटी कंपनियों में निवेश करते हैं, बड़े-कैप या इंटरनेशनल इंडेक्स फंड्स की तुलना में अलग मार्केट साइकिल से गुजर सकते हैं।
माइक्रो-कैप में जोखिम और अस्थिरता
माइक्रो-कैप इंडेक्स फंड्स में निवेश करने वाले निवेशकों को यह जानना जरूरी है कि ये फंड छोटी मार्केट कैप वाली कंपनियों में पैसा लगाते हैं। ऐसी कंपनियां मार्केट में गिरावट के प्रति ज्यादा संवेदनशील होती हैं और बड़ी, स्थापित कंपनियों की तुलना में इनमें ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। चूंकि इंडेक्स फंड किसी खास मार्केट लिस्ट को ट्रैक करते हैं, न कि अलग-अलग शेयरों को चुनते हैं, इसलिए इनका प्रदर्शन सीधे तौर पर उन छोटी कंपनियों के व्यवहार पर निर्भर करता है।
फंड चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें?
जिन इंडेक्स फंड्स का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) कम से कम ₹1,500 करोड़ है, उनका मूल्यांकन करते समय सिर्फ हालिया रिटर्न पर ध्यान देना काफी नहीं है। Motilal Oswal Nifty Microcap 250 Index Fund ने छह महीने की अवधि में 18.4% का रिटर्न दिखाया है, जो हालिया तेजी को दर्शाता है। लेकिन, क्योंकि स्मॉल-कैप और माइक्रो-कैप स्टॉक्स ज्यादा वोलेटाइल हो सकते हैं, लंबी अवधि के निवेशक अक्सर फंड के व्यवहार को समझने के लिए विभिन्न मार्केट साइकल्स में उसके प्रदर्शन को ट्रैक करते हैं। इसके अलावा, फंड का एक्सपेंस रेशियो, ट्रैकिंग एरर (यह मापता है कि फंड अपने टारगेट इंडेक्स को कितनी बारीकी से फॉलो करता है) और अंडरलाइंग स्मॉल स्टॉक्स की लिक्विडिटी (तरलता) जैसे कारकों की समीक्षा करना किसी भी निवेशक के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
