Motilal Oswal Nasdaq Q50 ETF: निवेशकों को बड़ा झटका, 20% लोअर सर्किट के साथ लुढ़का शेयर

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AuthorMehul Desai|Published at:
Motilal Oswal Nasdaq Q50 ETF: निवेशकों को बड़ा झटका, 20% लोअर सर्किट के साथ लुढ़का शेयर

Motilal Oswal Nasdaq Q50 ETF में 22 सितंबर को भारी गिरावट दर्ज की गई। यह शेयर **20%** के लोअर सर्किट के साथ **₹253.64** पर बंद हुआ। इस गिरावट के पीछे ETF के बाजार मूल्य और इसकी वास्तविक नेट एसेट वैल्यू (NAV) के बीच बना बड़ा अंतर मुख्य कारण है।

कीमत और वैल्यू के बीच बढ़ता फासला

इस ETF में आई गिरावट की सबसे बड़ी वजह इसके मार्केट प्राइस और इसके पोर्टफोलियो की वास्तविक नेट एसेट वैल्यू (NAV) के बीच का बड़ा गैप है। आमतौर पर मार्केट मेकर्स यूनिट्स को क्रिएट या रिडीम करके इस अंतर को खत्म करते हैं, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा विदेशी निवेश पर लगाए गए कैप के कारण फंड हाउस नई यूनिट्स जारी नहीं कर पा रहे हैं। इस सप्लाई की कमी के चलते निवेशकों ने इसे इसकी वास्तविक वैल्यू से काफी महंगे प्रीमियम पर खरीदा, जिससे यह संकट गहरा गया।

प्राइस बैंड बदलने से बढ़ी मुश्किलें

स्थिति तब और जटिल हो गई जब एक्सचेंज ने डेली प्राइस लिमिट तय करने का तरीका बदल दिया। 7 सितंबर के बाद से, प्राइस बैंड की गणना NAV के बजाय पिछले दिन के वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) के आधार पर होने लगी। इस बदलाव ने शेयर की कीमत को उसकी असल वैल्यू से पूरी तरह अलग कर दिया, जिससे तेजी के दौरान इसमें अनियंत्रित उछाल आया।

निवेशकों के लिए चेतावनी

जो निवेशक इंटरनेशनल ETFs में पैसा लगा रहे हैं, उन्हें अब सतर्क रहने की जरूरत है। जब कोई ETF अपनी NAV के मुकाबले भारी प्रीमियम पर ट्रेड करता है, तो खरीदार उसकी वास्तविक वैल्यू से कहीं ज्यादा पैसा चुकाते हैं। अगर मार्केट प्राइस वापस NAV के स्तर पर आता है, तो निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। कोई भी ऑर्डर डालने से पहले फंड हाउस की वेबसाइट पर जाकर iNAV (इंडिकेटिव NAV) जरूर चेक करें, क्योंकि आने वाले दिनों में भी इसमें उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.