Motilal Oswal Nasdaq 100 FOF का जलवा! 1 साल में दिया 63% से ज़्यादा रिटर्न, बना टॉप परफॉर्मर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Motilal Oswal Nasdaq 100 FOF का जलवा! 1 साल में दिया 63% से ज़्यादा रिटर्न, बना टॉप परफॉर्मर

Motilal Oswal Nasdaq 100 Fund of Funds (FOF) ने पिछले एक साल में **63.2%** का ज़बरदस्त रिटर्न देकर अपने बेंचमार्क को पीछे छोड़ दिया है। **₹8,200 करोड़** से ज़्यादा की एसेट बेस वाले इस फंड ने अपनी कैटेगरी में दमदार परफॉर्मेंस बनाए रखी है।

Detailed Coverage

फंड की शानदार परफॉर्मेंस

Motilal Oswal Nasdaq 100 FOF, ओवरसीज फंड-ऑफ-फंड्स कैटेगरी में सबसे बेहतरीन साबित हुआ है। फंड ने एक साल में 63.2% का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल किया है। वहीं, इसी अवधि में इसके बेंचमार्क का प्रदर्शन -2.5% रहा। फंड की यह अपने बेंचमार्क को मात देने की क्षमता निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, जो अपने पोर्टफोलियो में इंटरनेशनल एक्सपोजर जोड़ना चाहते हैं।

एसेट साइज और तुलना

ACE MF के 21 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, Motilal Oswal Nasdaq 100 FOF सिर्फ रिटर्न में ही नहीं, बल्कि साइज में भी सबसे आगे है। ₹8,267.2 करोड़ के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) के साथ, यह रिव्यू किए गए टॉप परफॉर्मिंग इंटरनेशनल फंड्स में सबसे बड़ा है। वहीं, Kotak Global Emerging Market Overseas Equity Omni FOF और Edelweiss Greater China Equity Off-shore Fund जैसे फंड्स ने एक साल में क्रमशः 48.8% और 43.1% का रिटर्न दिया, लेकिन वे Motilal Oswal फंड से पीछे रहे।

प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव को समझें

यह जानना ज़रूरी है कि म्यूचुअल फंड की रैंकिंग चुनी गई अवधि के हिसाब से काफी बदलती रहती है। शॉर्ट-टर्म में लीडरशिप फंड्स के बीच उनके ट्रैक किए जाने वाले रीजनल मार्केट्स के आधार पर शिफ्ट होती रहती है। उदाहरण के लिए, जबकि Nasdaq 100-केंद्रित फंड ने एक साल के नतीजों में बाजी मारी, वहीं दूसरी ओर छोटी अवधि में अन्य फंड्स आगे रहे। हाल के आंकड़ों के अनुसार, Axis Greater China Equity FOF ने एक महीने की अवधि में -0.6% का रिटर्न दर्ज किया, जबकि Kotak US Specific Equity Passive FOF ने तीन महीने की अवधि में 12.8% का रिटर्न दिया।

निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें

फंड का तीन साल का प्रदर्शन, जो 36.7% रिटर्न दिखाता है, शॉर्ट-टर्म के उतार-चढ़ाव के बजाय लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए ज़्यादा मायने रखता है। इन फंड्स का मूल्यांकन करते समय, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि ये घरेलू भारतीय इक्विटी फंड्स के अलावा अन्य जोखिमों के अधीन भी हैं। इनमें भारतीय रुपये और अमेरिकी डॉलर के बीच करेंसी में उतार-चढ़ाव और विदेशी टैक्स नीतियों में बदलाव शामिल हैं। चूंकि ये फंड्स विदेशी इंडेक्स या विदेशी म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते हैं, इसलिए इनका प्रदर्शन ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक कंडीशंस और इंटरनेशनल मार्केट्स के सेक्टर-स्पेसिफिक ट्रेंड्स से जुड़ा होता है, जैसे कि Nasdaq 100 का टेक्नोलॉजी-हैवी कंपोजिशन। निवेशकों को इन फंड्स के अंडरलाइंग एसेट एलोकेशन और स्पेसिफिक इन्वेस्टमेंट मैंडेट की निगरानी करनी चाहिए, क्योंकि US टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर केंद्रित फंड की तुलना चाइना या इमर्जिंग मार्केट्स पर केंद्रित फंड से सीधे तौर पर नहीं की जा सकती।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.