Motilal Oswal Nasdaq 100 Fund of Fund (FoF) ने पिछले 6 महीनों में **41%** का शानदार रिटर्न दिया है। इस बड़ी विदेशी फंड कैटेगरी में इसने अपने साथियों को पीछे छोड़ दिया है। यह अमेरिकी टेक स्टॉक्स की बढ़त को दिखाता है, लेकिन निवेशकों को अलग-अलग समय-सीमा में रिटर्न में उतार-चढ़ाव और करेंसी व सेक्टर से जुड़े जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए।
Motilal Oswal Nasdaq 100 FOF का ज़बरदस्त प्रदर्शन
10 अगस्त 2026 तक, Motilal Oswal Nasdaq 100 Fund of Fund (FoF) ने पिछले छह महीनों में 41% का ज़बरदस्त रिटर्न दर्ज किया है। यह प्रदर्शन विदेशी म्यूचुअल फंड कैटेगरी में सबसे आगे रहा है। यह अमेरिका के शेयर बाज़ार, खासकर Nasdaq 100 इंडेक्स में शामिल टेक्नोलॉजी और नॉन-फाइनेंशियल कंपनियों में आई तेज़ी को दिखाता है।
अंतरराष्ट्रीय फंड्स के फायदे और जोखिम
निवेशकों के लिए, यह हालिया प्रदर्शन दिखाता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय फंड्स ग्लोबल ग्रोथ में हिस्सेदारी दे सकते हैं। हालांकि, अलग-अलग समयावधि के अनुसार फंड्स की रैंकिंग बदल सकती है। Motilal Oswal फंड, जिसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगभग ₹7,708 करोड़ है, अच्छी पोजीशन में है। वहीं, Mirae Asset NYSE FANG+ETF FoF और Edelweiss US Technology Equity FOF जैसे फंड्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। यह देखा गया है कि एक से तीन महीने जैसी छोटी अवधि में इन फंड्स के बीच लीडरशिप बदल सकती है, जो बताता है कि प्रदर्शन हर समय एक जैसा नहीं रहता।
फंड की कार्यप्रणाली और जोखिम
यह फंड एक 'फीडर' के तौर पर काम करता है, यानी यह सीधे Motilal Oswal Nasdaq 100 ETF में पैसा लगाता है। यह भारतीय निवेशकों के लिए अमेरिकी कंपनियों के समूह में निवेश करने का एक आसान तरीका है। लेकिन, इस सरलता के साथ कुछ खास जोखिम भी जुड़े हैं जो घरेलू इक्विटी फंड्स से अलग हैं।
निवेशकों को मुख्य रूप से करेंसी में उतार-चढ़ाव और सेक्टर पर ज़्यादा निर्भरता जैसे जोखिमों पर नज़र रखनी चाहिए। चूंकि निवेश अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए अगर भारतीय रुपया मज़बूत होता है, तो अमेरिकी शेयरों के अच्छा प्रदर्शन करने पर भी भारतीय निवेशक के लिए कुल रिटर्न कम हो सकता है। इसके अलावा, फंड ज़्यादातर टेक्नोलॉजी सेक्टर पर केंद्रित होने के कारण, अगर वैश्विक या अमेरिकी स्तर पर टेक खर्च या सेंटिमेंट में मंदी आती है, तो यह फंड ज़्यादा अस्थिरता दिखा सकता है।
लागत और टैक्स का असर
निवेशकों को फंड की लागत और टैक्स के नियमों पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर 15 दिनों के अंदर यूनिट्स को भुनाया जाता है, तो 1% का एग्जिट लोड लगता है, जो बहुत छोटी अवधि के ट्रेडिंग को हतोत्साहित करने के लिए है। साथ ही, विदेशी फंड्स पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स के मौजूदा टैक्स नियमों का असर नेट रिटर्न पर पड़ता है। 'बहुत ज़्यादा' रिस्क रेटिंग वाले इस फंड के लिए, यह उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जुड़ी अस्थिरता को सह सकते हैं। निवेशकों के लिए आगे की मुख्य बात सिर्फ हालिया डबल-डिजिट की बढ़त पर नज़र रखना नहीं, बल्कि यह आकलन करना है कि अमेरिकी बाज़ार की मौजूदा स्थिति और पॉलिसी का भविष्य के प्रदर्शन पर क्या असर पड़ सकता है।
