Motilal Oswal Focused Fund: 1 साल में **13.9%** रिटर्न, कैटेगरी में सबसे आगे!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Motilal Oswal Focused Fund: 1 साल में **13.9%** रिटर्न, कैटेगरी में सबसे आगे!

Motilal Oswal Focused Fund ने पिछले एक साल में **13.9%** का शानदार रिटर्न देकर अपनी कैटेगरी में टॉप पोजिशन हासिल की है। इसने SBI और Kotak Focused Funds जैसे बड़े फंड्स को पीछे छोड़ दिया है।

Motilal Oswal फंड का दमदार प्रदर्शन

म्यूचुअल फंड की दुनिया में, Motilal Oswal Focused Fund ने फोकस कैटेगरी में बाजी मार ली है। 6 जुलाई, 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस फंड ने एक साल की अवधि में 13.9% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया है। यह प्रदर्शन SBI Focused Fund (जिसने 10.4% रिटर्न दिया) और Kotak Focused Fund (जिसका रिटर्न 8.5% रहा) जैसे फंड्स से कहीं बेहतर है।

बेंचमार्क के मुकाबले प्रदर्शन और असली तस्वीर

जहां एक साल के नतीजे शानदार हैं, वहीं इसके बेंचमार्क के मुकाबले फंड का प्रदर्शन समझना जरूरी है। पिछले एक साल में, Motilal Oswal फंड ने अपने बेंचमार्क को 9.5 प्रतिशत अंकों से पीछे छोड़ा, क्योंकि बेंचमार्क का रिटर्न केवल 4.4% रहा।

लेकिन, 3 साल की अवधि पर नजर डालें तो तस्वीर थोड़ी बदल जाती है। इस दौरान, फंड अपने बेंचमार्क से 5.4 प्रतिशत अंक पीछे रहा। फंड का 3-साल का रिटर्न 16.8% रहा, जबकि बेंचमार्क ने 18.8% का रिटर्न दिया।

फंड्स की रैंकिंग में उतार-चढ़ाव

यह दिखाता है कि फंड्स की रैंकिंग समय के साथ बदलती रहती है। 1-साल और 3-महीने की अवधि में Motilal Oswal भले ही आगे हो, लेकिन ICICI Pru Focused Equity Fund जैसे फंड्स ने 1-महीने में 8.2% का सबसे अच्छा रिटर्न दिया है। यही फंड 3-साल की कैटेगरी में 18.8% के रिटर्न के साथ सबसे ऊपर है।

निवेशकों के लिए जरूरी बातें

फोकस फंड्स में आमतौर पर कम स्टॉक्स होते हैं, इसलिए इनमें वोलेटिलिटी (Volatility) ज्यादा हो सकती है। शॉर्ट-टर्म में बड़े रिटर्न के बजाय, फंड के लॉन्ग-टर्म परफॉर्मेंस पर नजर रखना ज्यादा समझदारी है।

इसके अलावा, असेट साइज़ (Assets Under Management) भी एक अहम फैक्टर है। SBI Focused Fund का असेट ₹46,623.4 करोड़ है, जो इस कैटेगरी में सबसे बड़ा है। बड़े असेट साइज वाले फंड्स को कभी-कभी अपनी पोजीशन को जल्दी बदलने में दिक्कत हो सकती है। निवेशकों को फंड के लॉन्ग-टर्म में बेंचमार्क के साथ परफॉर्मेंस गैप को कम करने और मैनेजर की रणनीति पर ध्यान देना चाहिए।

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